भू-माफिया और आदिवासियों के बीच हुई भिड़ंत, मौके पर पहुंचे तहसीलदार और पुलिस ने कराया मामले को शांत
रीवा जिले की सिरमौर नगर परिषद के वार्ड नंबर 5 में दबंगो और आदिवासियों बीच विवाद हो गया. विवाद की वजह 17 एकड़ सरकारी जमीन है
रीवा जिले की सिरमौर नगर परिषद के वार्ड नंबर 5 में दबंगो और आदिवासियों बीच विवाद हो गया. विवाद की वजह 17 एकड़ सरकारी जमीन है. जहां आदिवासी तीन साल से झोपड़ी बनाकर रह रहे थे. कुछ लोगों ने इसका विरोध किया और आदिवासियों को वहां से हटाने की कोशिश की. जिससे विवाद बढ़ गया और पुलिस को मोर्चा संभालनी पड़ी.
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
सिरमौर बजार से थोड़ा आगे बरदहा घाटी के पास 17 एकड़ सरकारी जमीन. जहां लगभग 300 से अधिक आदिवासियों का परिवार तीन सालों से रह रहा है. जिससे कुछ लोगों ने अपने पट्टे की जमीन बताकर कब्जा हटाने का आदिवासियों पर दवाब बनाया. कब्जा नहीं हटाने पर विवाद हो गया. मौके पर मौजूद लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी. जिसके बाद तहसीलदार अनुपम पाण्डेय और सिरमौर थाना प्रभारी दीपक तिवारी अपने दल बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराया.
तहसीलदार अनुपम पाण्डेय ने वस्ती के लोगों को जानकारी दी कि यह मामला राजस्व विभाग मे विचाराधीन है. जब तक इस मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती. तब तक आप इस जमीन पर कोई निर्माण कार्य नहीं कर सकते हैं. बस्ती के लोगों ने बताया कि हमारे पास घर नहीं है. हमारे पास छोटे-छोटे बच्चें हैं अगर हमें यहां से हटाया गया तो हम कहां जाएंगे.
shivendra 
