श्योपुर में न्याय के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला

श्योपुर में महिला का हाईवोल्टेज ड्रामा, न्याय के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला, 24 घंटे से मोबाइल टावर पर बैठी है महिला 

श्योपुर में न्याय के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला

श्योपुर: सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन और पुलिस की टीमें अपनी कार्रवाई शुरू कर पाती उससे पहले एक महिला BSNL के टावर पर चढ़ गई और सबसे ऊंचाई वाले हिस्से पर पहुंचकर एंगल को पड़कर बैठी गई। एसडीएम अभिषेक मिश्रा डीएसपी पी एन गोयल सहित प्रशासन और पुलिस की टीम शामिल अधिकारी यह नजारा देख घबरा गए। प्रशासन के अधिकारी महिला को समझा कर नीचे उतरने का प्रयास कर रहे हैं परंतु महिला किसी की बात सुनने को तैयार रही है और 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी महिला  टावर पर बिना खाए पिए बैठी हुई है।  मामला श्योपुर जिले के वीरपुर तहसील कार्यालय के पास बीएसएनल ऑफिस पर लगे टावर का है। 377 गांव तक चंबल नदी का पानी पहुंचाने वाली 782.11 करोड रुपए की श्योपुर चंबल समूह पेयजल योजना के लिए जमीन खाली कराने का पूरा मामला  है।

18 जुलाई को प्रशासन के अधिकारियों ने वीरपुर तहसील कार्यालय के पास 20 कीमती सरकारी जमीन से दबंग भूमाफियाओं का अतिक्रमण हटाने के लिए रूपरेखा तैयार कर मुनादी कराई थी। 19 जुलाई की सुबह करीब 11 बजे के आसपास विजयपुर के एसडीएम अभिषेक मिश्रा, डीएसपी पीएन गोयल प्रशासन और पुलिस के करीब 50 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे थे। प्रशासन के अधिकारी अपनी कार्रवाई करने को लेकर बातचीत कर ही रहे थे कि इतनी देर में एक लीलधा गांव निवासी महिला रामा पत्नी बाबू लाल रावत मोबाइल टावर पर चढ़ गई। हालांकि मौके पर तैनात प्रशासन ने महिला को टावर पर चढ़ता हुआ तो देख लिया था परंतु उसे नीचे उतरने की कोशिश नहीं की और महिला सबसे उंचे वाले हिस्से पर चढ़कर बैठ गई। महिला को 24 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है और वह बिना भोजन के इस टावर पर बैठी हुई है। प्रशासन के अधिकारी महिला के नीचे उतरने का इंतजार कर रहे हैं परंतु महिला नीचे उतरने को तैयार नहीं है। 

महिला के परिजन और ग्रामीण पूरी रात टावर के नीचे डटे रहे. महिला का 10 वर्षीय बेटा भी मौके पर मौजूद था। वह पूरी रात अन्य ग्रामीण और परिजनों के साथ टावर के नीचे बैठ रहा और बार-बार ऊपर देखकर अपनी मां को आवाज लगता रहा ग्रामीण भी लगातार उसे पुकारते रहे ताकि उसे नींद ना आ जाए और वह टावर से गिरना पड़े नीचे खड़े लोग बार-बार कहते रहे की रामा नीचे आजा जमीन मिल जाएगी लेकिन जिंदगी दोबारा नहीं मिलेगी इसके बावजूद महिला अपनी मांग पर पड़ी रही।

महिला रामा के देवर और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि पूरा विवाद एक सर्वे नंबर का है। इसी नंबर में तीन लोगों के कुल 11 बीघा भूमि के पट्टे है उनका कहना है कि प्रशासन पहले उनकी जमीन का सीमांकन कर दे यदि जिस जमीन पर वे खेती कर रहे हैं वह जल निगम की निकले तो वह वहां से हट जाएंगे ग्रामीणों का आरोप है कि उनके पट्टे वाली जमीन उसे हिस्से में हो सकती है जहां बाद में बस्ती बस गई है।  उनका कहना है कि बरसों पहले गलत सीमांकन और राजस्व गड़बड़ी के कारण यह विवाद पैदा हुआ।  महिला के टावर पर चढ़ने के बाद अन्य कब्जाधारियों और ग्रामीणों ने कुछ देर के लिए सड़क को जाम करने का प्रयास भी किया लेकिन पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद जाम समाप्त कर दिया गया लेकिन टावर पर बैठी महिला के कारण कब्जा हटाने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। 

एसडीएम अभिषेक मिश्रा को कई बार कॉल करने की कोशिश की गई पर उन्होंने  कॉल का जवाब नहीं दिया।  बीरपुर थाना प्रभारी महाराज सिंह बघेल का कहना है कि प्रशासन अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पहुंचा था। उससे पहले एक महिला टावर पर चढ़ गई। 24 घंटे हो गए हैं महिला टावर पर बैठी हुई है प्रशासन लगातार समझाइश दे रहा है। और ग्रामीणों से भी चर्चा की जा रही है।