अल नीनो के प्रभाव से निपटने के लिए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

अल नीनो की चुनौती पर केंद्र सरकार की बड़ी बैठक, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों को दिए अहम निर्देश, कम वर्षा की चुनौती से निपटने की तैयारी तेज

अल नीनो के प्रभाव से निपटने के लिए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित कृषि भवन से अल नीनो के संभावित प्रभावों को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक में सभी राज्यों के कृषि मंत्री, कृषि सचिव और संबंधित वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। इसके अलावा अल नीनो से प्रभावित होने की आशंका वाले जिलों के कलेक्टर, कृषि विभाग के अधिकारी और भारत मौसम विज्ञान विभाग के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।

अल नीनो के प्रभावों पर समीक्षा...

बैठक में देश में कम वर्षा और बदलते मौसम पैटर्न के कारण कृषि क्षेत्र पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने मौजूदा स्थिति और आने वाले महीनों में संभावित जोखिमों का आकलन प्रस्तुत किया। इस दौरान यह भी समीक्षा की गई कि किस प्रकार सूखे जैसी परिस्थितियों का सामना करने के लिए राज्य स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।

कंटिंजेंसी प्लान पर जोर...

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत आने वाले ICAR-CRIDA ने देश के सभी जिलों के लिए अल नीनो के प्रभाव से निपटने हेतु कंटिंजेंसी प्लान तैयार कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं को केवल दस्तावेज तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि इन्हें प्रभावी रूप से जमीन पर लागू करना जरूरी है ताकि किसानों को समय पर सहायता मिल सके।

सरकार का प्रोएक्टिव नजरिया...

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार किसी भी आपदा का इंतजार करने के बजाय पहले से तैयारी करके उसका सामना करती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार हर चुनौती को अवसर में बदलने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने वैज्ञानिक प्रोटोकॉल और विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार समय पर निर्णय लेने पर जोर दिया।

जिला प्रशासन की भूमिका अहम...

केंद्रीय मंत्री ने जिला कलेक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की कि वे इन योजनाओं के क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि कृषि, जल संसाधन, ग्रामीण विकास और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है ताकि योजनाओं का प्रभावी रूप से क्रियान्वयन हो सके और किसानों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।

बैठक के अंत में यह भी दोहराया गया कि अल नीनो की चुनौती से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच निरंतर समन्वय और निगरानी आवश्यक है, जिससे कृषि क्षेत्र पर इसके प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके।