डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष ने दी श्रद्धांजलि, CM ने कहा- उनका बलिदान अविस्मरणीय
भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर भाजपा प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 23 जून मंगलवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने भाजपा प्रदेश कार्यालय परिसर में स्थित डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को नमन किया। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को याद किया। पूरे आयोजन में राष्ट्रभक्ति और संगठनात्मक एकता का संदेश प्रमुख रूप से देखने को मिला।

डॉ. मुखर्जी का जीवन राष्ट्र की एकता-अखंडता का प्रतीक...
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। सीएम ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन हर भारतीय के लिए राष्ट्रसेवा, त्याग और समर्पण का संदेश देता है। उनके विचार आज भी देश की राजनीति और सामाजिक जीवन को दिशा प्रदान करते हैं।

'एक देश में दो विधान नहीं चलेंगे' का दिया था संदेश...
मुख्यमंत्री ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उन्होंने “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का उद्घोष कर राष्ट्रीय एकता के लिए मजबूत आवाज उठाई थी। यह विचार आज भी देश की अखंडता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचारों और आदर्शों ने भारतीय राजनीति को नई दिशा दी है। उनके द्वारा स्थापित मूल्यों को आज भी करोड़ों कार्यकर्ता प्रेरणा के रूप में अपनाते हैं।

अनुच्छेद 370 हटाना उनके सपने का साकार रूप...
सीएम मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को साकार करने जैसा ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय देश की एकता और अखंडता को और मजबूत करने वाला साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का संघर्ष केवल राजनीतिक नहीं था, बल्कि यह राष्ट्रहित और अखंड भारत की भावना से जुड़ा हुआ था।

भाजपा का संगठनात्मक कार्यक्रम: 23 जून से 6 जुलाई तक...
इस अवसर पर भाजपा की ओर से बताया गया कि 23 जून से 6 जुलाई तक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृति में विभिन्न संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 23 जून को बलिदान दिवस और 6 जुलाई को जन्मदिवस के रूप में कार्यक्रमों की श्रृंखला चलेगी। इस दौरान बूथ स्तर पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बूथ समिति के सदस्य, प्राथमिक सदस्य और कार्यकर्ता भाग लेंगे। प्रत्येक बूथ पर डॉ. मुखर्जी के चित्र को स्थापित कर उनके जीवन और योगदान पर चर्चा की जाएगी।

जिला सम्मेलन, छात्र कार्यक्रम और वृक्षारोपण अभियान
भाजपा ने सभी जिलों में कार्यकर्ता सम्मेलनों के आयोजन की भी योजना बनाई है। इन सम्मेलनों में वक्ता डॉ. मुखर्जी के सामाजिक, राजनीतिक और संगठनात्मक योगदान पर प्रकाश डालेंगे। इसके साथ ही भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा शैक्षणिक संस्थानों में छात्र सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को उनके विचारों और आदर्शों से जोड़ना है। प्रदेशभर में वृक्षारोपण अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता को भी बढ़ावा मिले।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक शहर और नगर में प्रमुख स्थानों का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने की योजना भी बनाई गई है। इसके साथ ही कई स्थानों पर उनकी प्रतिमाएं स्थापित और अनावरण की जाएंगी। भाजपा ने इस पूरे अभियान के संचालन के लिए प्रदेश, जिला और मंडल स्तर पर संगठनात्मक टोलियों का गठन भी किया है, जो कार्यक्रमों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाएंगी।
Varsha Shrivastava 
