सतना जिला अस्पताल में बाइक के बाद अब ई-रिक्शा पहुंचा वार्ड तक, सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

सतना जिला अस्पताल में बाइक के बाद अब ई-रिक्शा वार्ड तक पहुंच गया। मरीज को छोड़ने पहुंचे चालक को सुरक्षा गार्डों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया। घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

सतना जिला अस्पताल में बाइक के बाद अब ई-रिक्शा पहुंचा वार्ड तक, सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पहले अस्पताल की पहली मंजिल तक बाइक पहुंचने का मामला सामने आया था, वहीं अब रविवार को एक ई-रिक्शा अस्पताल के मुख्य गेट से होते हुए सीधे हड्डी वार्ड के सामने तक पहुंच गया। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।

हालांकि, बाद में सुरक्षा गार्डों ने ई-रिक्शा चालक को पकड़कर अस्पताल पुलिस चौकी के हवाले कर दिया, जहां उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

मरीज को वार्ड तक छोड़ने पहुंचा था ई-रिक्शा

जानकारी के मुताबिक, ई-रिक्शा में संतोष अग्रवाल नाम का मरीज सवार था। अस्पताल के अंदर ई-रिक्शा देखकर नर्सिंग स्टाफ और मरीजों के परिजन भी हैरान रह गए।

ई-रिक्शा चालक ने बताया कि वह मरीज के कहने पर वाहन को वार्ड तक लेकर गया था।

वहीं, मरीज संतोष अग्रवाल ने बताया कि सड़क हादसे में उनका पैर टूट गया है और ऑपरेशन होना है। फिलहाल खून की कमी के कारण उन्हें वार्ड नंबर-4 में भर्ती किया गया है। उन्होंने कहा कि उनके साथ कोई परिजन नहीं था और स्ट्रेचर पर बैठाने वाला भी कोई नहीं मिला, इसलिए उन्होंने चालक से वार्ड तक छोड़ने का अनुरोध किया था।

पहले भी अस्पताल में पहुंच चुकी है बाइक

यह पहली बार नहीं है जब जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। इससे पहले 30 मई को स्ट्रेचर नहीं मिलने पर एक परिजन मरीज को लेने के लिए पहली मंजिल स्थित वार्ड तक बाइक लेकर पहुंच गया था। उस समय मरीज को रीवा रेफर किया जाना था, इसलिए परिजन को केवल समझाइश देकर छोड़ दिया गया था।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार और पिछले गेट पर 24 घंटे सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। इसके बावजूद वाहनों का वार्ड तक पहुंच जाना सुरक्षा में लापरवाही की ओर इशारा करता है।

अब सवाल यह है कि जब अस्पताल परिसर में वाहनों के प्रवेश पर रोक है, तो आखिर सुरक्षा व्यवस्था में चूक कैसे हो रही है।