वानखेड़े में संजू सैमसन का गदर! थला की विरासत संभालने को तैयार हैं चेट्टा?

IPL 2026 में संजू सैमसन ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ नाबाद 101 रन ठोककर CSK को 103 रन से जीत दिलाई। क्या वो धोनी की विरासत के असली वारिस हैं?

वानखेड़े में संजू सैमसन का गदर! थला की विरासत संभालने को तैयार हैं चेट्टा?

IPL का एल क्लासिको, यानी चेन्नई सुपर किंग्स बनाम मुंबई इंडियंस. वानखेड़े स्टेडियम खचाखच भरा हुआ, हर सीट पर जुनून. हर चेहरे पर उम्मीद. दो दिग्गज टीमें आमने-सामने थीं, लेकिन इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में अगर किसी ने पूरा शो अपने नाम किया, तो वो थे पीली जर्सी में “चेट्टा” यानी संजू सैमसन. संजू ने सिर्फ रन नहीं बनाए. एक कहानी लिख दी. संजू ने इस दौरान जैसे अपनी पारी गढ़ी, लगा बैट से कविता लिख रहे हों.

मुंबई के धाकड़ गेंदबाजों के सामने ऐसी बैटिंग की, जैसे उन्हें पहले से पता हो कि गेंद कहां आने वाली है. 54 गेंदों में नाबाद 101 रन… और अंदाज ऐसा कि वानखेड़े भी खड़ा होकर सलाम कर दे... उनकी इस पारी ने बता दिया कि वो न सिर्फ तगड़े बैटर हैं, बल्कि टीम को लीड़ करने का भी माद्दा रखते हैं. जिस तरह दबाव में उन्होंने पारी संभाली, एक तरफ से विकेट गिरते रहे, लेकिन संजू डटे रहे. ठीक वैसे ही जैसे सालों तक थाला यानी महेंद्र सिंह धोनी टीम को संभालते रहे.  

मुंबई के खिलाफ शतक ठोकने वाले पहले CSK बैटर 

रिकॉर्ड्स की बात करें, तो चेट्टा ने वो कर दिया है. जो चेन्नई का कोई भी धुरंधर आज तक मुंबई के खिलाफ नहीं कर पाया था. संजू CSK के पहले बैटर बन गए हैं, जिन्होंने MI के खिलाफ शतक ठोका है. इससे पहले, ये रिकॉर्ड मौजूदा कप्तान रुतुराज गायकवाड़ के नाम था, जिन्होंने 2021 में नाबाद 88 रन बनाए थे. वैसे मुंबई की तरफ से चेन्नई के खिलाफ सनत जयसूर्या और रोहित शर्मा शतक ठोक चुके हैं. लेकिन, चेन्नई की तरफ से ये पहला कारनामा संजू के ही नाम रहा.

यही नहीं, चेन्नई की जर्सी में अपने 7वें ही मैच में संजू ने इस सीजन का अपना दूसरा शतक जड़ दिया है. 2018 में शेन वॉटसन के बाद एक ही सीजन में CSK के लिए दो शतक जड़ने वाले वो महज दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं. 10 चौके और 6 गगनचुंबी छक्कों से सजी इस पारी ने फैंस का पूरा पैसा वसूल करवा दिया.

खूंटा गाड़ खड़े रहे संजू

अब मैच की कहानी आपको बता देते हैं. CSK के विकेट एक तरफ से गिर रहे थे. दूसरी तरफ संजू सैमसन अंगद की तरह पैर जमाकर डटे रहे. चेन्नई ने पहले बैटिंग की. शुरुआत तगड़ी रही. कप्तान रुतुराज (22 रन) और संजू ने मिलकर हार्दिक पंड्या के शुरुआती दो ओवरों में ही 19-19 रन कूट दिए. लगा कि आज तो स्कोर बोर्ड पर आग लगेगी.

लेकिन फिर आया पतझड़ की मौसम. खराब शॉट सेलेक्शन और जल्दबाजी में बैटर्स आते आते गए और पावेलियन लौटते गए. रुतुराज को अल्लाह गजनफर (2/25) ने अपनी फिरकी में उलझाया. सरफराज खान (14) ने मिचेल सैंटनर के ख‍िलाफ बाउंड्रीज तो लगाईं. लेकिन, सैंटनर ने उन्हें अपनी चालाकी में फंसा लिया. उन्होंने थोड़ा शॉर्ट और धीमी बॉल फेंकी. सरफराज अपना ट्रेडमार्क स्वीप शॉट खेलने के चक्कर में बोल्ड हो गए.

स्पिन स्पेशलिस्ट शिवम दुबे (5) भी गजनफर की गेंद पर सरेंडर कर दिया. गजनफर की ड्रिफ्ट होती गेंद पर वो क्लीन बोल्ड हो गए. डेवाल्ड ब्रेविस (21) ने अपनी 11 गेंदों की पारी में हाथ जरूर खोले, लेकिन अश्विनी कुमार (2/37) की बाहर जाती शॉर्ट गेंद ने उनका भी काम तमाम कर दिया.

बुमराह से लेकर पंड्या तक, सबकी हुई कुटाई

इन सबके बीच, एक एंड पर संजू सैमसन ने अपनी असली क्लास दिखाई. जसप्रीत बुमराह (1/31) जैसे दिग्गज बॉलर के सामने भी संजू ने मेरिट के आधार पर शॉट खेले. आखिरी ओवर में कृष भगत को पहले कवर्स के ऊपर से एक लंबा छक्का जड़ा और फिर आखिरी गेंद पर शानदार पुल शॉट मारकर अपना 5वां IPL शतक पूरा कर लिया. इस सूझबूझ भरी पारी की बदौलत सीएसके 207/6 का तगड़ा स्कोर खड़ा करने में कामयाब रही. जवाब में मुंबई इंडियंस की टीम महज 104 रन पर ऑलआउट हो गई. इस दौरान तिलक वर्मा ने सबसे ज्यादा 37 रन बनाए. वहीं, सूर्या ने 36 रनों की पारी खेली. 

क्यों चेट्टा हैं थला की विरासत के असली वारिस?

इस पारी ने एक बात तो एकदम साफ कर दी है. दबाव में कैसे खेलना है और टीम को कैसे उबारना है. ये चेट्टा को बखूबी आता है. जब दूसरे छोर से लगातार विकेट गिर रहे हों, तब बिना पैनिक किए टीम को 200 के पार ले जाना कोई मामूली बात नहीं है. विकेटकीपिंग और बैटिंग में गेम को एंकर करना. ठीक यही रोल सालों तक थला ने चेन्नई के लिए निभाया.

संजू जिस तरह से जिम्मेदारी लेकर खेल रहे हैं. शांत दिमाग से गेंदबाजों को परख रहे हैं. उसे देखकर लगता है कि धोनी की लीगेसी को आगे ले जाने के लिए CSK को एकदम सही खिलाड़ी मिल गया है. संजू में वो कैलिबर है कि वो धोनी के इस येलो आर्मी वाले साम्राज्य के नए और भरोसेमंद सिपहसालार बन सकें. कुछ मुकाबलों में उन्होंने बॉलर्स को सुझाव देकर अपनी कप्तानी वाला इंस्टिंक्ट भी दिखाया है.

हालांकि, CSK के एक जेस्चर ने एक बार‍ फिर फैंस का दिल जीत लिया. इस मैच में चेन्नई के सभी खिलाड़ी बांह पर काली पट्टी बांधकर मैदान पर उतरे थे. ये पट्टी उनके साथी तेज गेंदबाज मुकेश चौधरी की मां को श्रद्धांजलि देने के लिए बांधी गई थी. उनका हाल ही में निधन हो गया है. मुश्किल वक्त में फ्रेंचाइजी अपने खिलाड़ियों के साथ कैसे खड़ी होती है, CSK ने एक बार फिर ये साबित किया है.