Rewa: किडनी के नाम पर 56 लाख की ठगी, AI से बनाए अस्पताल के फर्जी पेपर

रीवा में किडनी दिलाने के नाम पर आरोपी ने AI की मदद से फर्जी दस्तावेज बनाकर एक कारोबारी से 56 लाख रुपये ठग लिए। मामला सामने आने पर पुलिस ने आरोपी को हरदा से गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।

Rewa: किडनी के नाम पर 56 लाख की ठगी, AI से बनाए अस्पताल के फर्जी पेपर
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मध्यप्रदेश के रीवा से किडनी के नाम पर 56 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। आरोपी AI का इस्तेमाल कर अस्पताल के नकली पेपर बनाकर लोगों को अपने झांसे में लेता था।

रीवा के कोतवाली थाना क्षेत्र का मामला है, जहां सराफा कारोबारी दिलीप कुमार सोनी की पत्नी की दोनों किडनी खराब थीं। किडनी ट्रांसप्लांट करवाने के लिए उन्हें किडनी की जरूरत थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात बहन के दोस्त से हुई। दिलीप की बहन इंदौर में होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रही थी। दोस्त का नाम आयुष उर्फ प्रियांशू पवार था।

प्रियांशू ने दिलीप को किडनी दिलाने का दिलासा दिया और कहा कि उसकी पहचान ऊपर तक है। फिर प्रियांशू ने ChatGPT से बंसल अस्पताल के फर्जी दस्तावेज तैयार किए और चार महीने के अंदर अलग-अलग अकाउंट में 56 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। लेकिन कई दिनों के बाद भी उन्हें किडनी नहीं मिली।

इसके बाद 1 मार्च को बंसल हॉस्पिटल, भोपाल के किडनी रोग विशेषज्ञ विद्याकांत त्रिपाठी रीवा आए। जब पीड़ित परिवार ने उनसे मिलकर अपनी पूरी बात बताई, तब जाकर पता चला कि प्रियांशू ने फर्जी दस्तावेज बनाए थे।

जब दिलीप ने पैसे मांगने की कोशिश की, तो प्रियांशू ने पैसे देने से इंकार कर दिया, जिसके बाद उन्होंने सिटी कोतवाली थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हरदा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।