सरकारी तालाब पर अतिक्रमण का आरोप, ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन छोटे कब्जों पर तो कार्रवाई करता है, लेकिन रसूखदारों द्वारा तालाब की मेड़ पर बनाए गए मकानों और व्यावसायिक निर्माण पर बार-बार शिकायत के बावजूद चुप्पी साधे हुए है।

सरकारी तालाब पर अतिक्रमण का आरोप, ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
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रीवा के जवा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत अतरैला के पूछीं तालाब में इन दिनों अवैध कब्जे और निर्माण की होड़ मची हुई है। आरोप है कि सैकड़ों लोगों द्वारा सरकारी तालाब की जमीन पर कब्जा कर पक्के मकान तक बना लिए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब करीब 20.22 एकड़ में फैला है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा दबंगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है।

ग्रामीणों के अनुसार तालाब की मेड़ और आसपास की जमीन पर अवैध निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इतना ही नहीं, कुछ लोगों ने पक्के मकान बनाकर उसमें किरायेदारों को भी बसाना शुरू कर दिया है और इससे आर्थिक लाभ उठाया जा रहा है।

लोगों का आरोप है कि जब गरीब लोग छोटी-मोटी झोपड़ी या कब्जा करने की कोशिश करते हैं तो शासन-प्रशासन तुरंत कार्रवाई करता है, लेकिन दबंगों द्वारा किए जा रहे बड़े पैमाने पर अतिक्रमण पर प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में कई बार तहसीलदार और एसडीएम को लिखित आवेदन भी दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि तालाब की मेड़ तक पर पक्के निर्माण कर दिए गए हैं, जिससे तालाब का स्वरूप भी प्रभावित हो रहा है।

अब सवाल यह उठ रहा है कि हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद क्या प्रशासन सरकारी तालाब को अतिक्रमण से मुक्त करा पाएगा या फिर अवैध कब्जों का सिलसिला यूं ही चलता रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर तालाब की जमीन को मुक्त कराने की मांग की है।