नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पीएम मोदी का संदेश: महिलाओं को आर्थिक ताकत और राजनीतिक आरक्षण दोनों देंगे

दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और राजनीतिक भागीदारी पर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ 33% आरक्षण भी सुनिश्चित करेगी। 16 से 18 अप्रैल तक संसद के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने की दिशा में अहम कदम उठाए जाएंगे।

नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पीएम मोदी का संदेश: महिलाओं को आर्थिक ताकत और राजनीतिक आरक्षण दोनों देंगे
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बनी हैं। साथ ही, महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को जल्द लागू करने के लिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है।

पीएम मोदी ने कहा, "मैं गृहस्थ नहीं हूं, लेकिन जानता सब हूं।" उन्होंने जोड़ा कि अब जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो गई हैं, तो परिवार में भी उनकी बात सुनी जाती है। पहले व्यापार की चर्चा पिता-बेटे करते थे, लेकिन अब मां को भी बुलाया जाता है।

पीएम मोदी की स्पीच के मुख्य पॉइंट्स:

महिलाओं के लिए योजनाएं:
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृत्व योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, मिशन इंद्रधनुष (टीकाकरण), स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्कूलों में शौचालय, मुफ्त सेनेटरी पैड, खेलों में मदद, सैनिक स्कूलों में लड़कियों के लिए प्रवेश, उज्ज्वला योजना (रसोई गैस), हर घर नल और आयुष्मान भारत (5 लाख तक मुफ्त इलाज) जैसी योजनाओं का सबसे ज्यादा लाभ महिलाओं और बेटियों को हो रहा है।

आर्थिक सशक्तिकरण:
3 करोड़ से ज्यादा महिलाएं अपने घर की मालिक बनी हैं। महिलाओं के आर्थिक रूप से मजबूत होने से परिवार की सोच बदल रही है।
महिला आरक्षण का नया अध्याय: पीएम ने कहा कि संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है। दशकों की प्रतीक्षा खत्म होने जा रही है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के लिए बड़ा अवसर है।

संसद विशेष सत्र:
16 से 18 अप्रैल तक विशेष सत्र में महिला आरक्षण को लागू करने के लिए जरूरी संशोधन पारित किए जाएंगे।

सर्वसम्मति का इतिहास:
40 साल से इस पर चर्चा हो रही है। 2023 में सभी दलों ने सर्वसम्मति से बिल पास किया था। तब 2029 तक लागू करने की बात भी उठी थी।

महिलाओं से अपील:
देश की महिलाएं अपने सांसदों से मिलकर अपनी अपेक्षाएं रखें। जब वे सदन जाने निकलें तो फूल-माला देकर विदाई दें, ताकि सांसद माताओं-बहनों का आशीर्वाद लेकर सकारात्मक फैसले करें।

नए युग का स्वागत:
पीएम ने सभी महिलाओं को नए युग के आगमन की बधाई दी।

महिला आरक्षण क्या है:
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण देता है। मूल रूप से इसे अगली जनगणना और परिसीमन (delimitation) से जोड़ा गया था, जिससे लागू होने में देरी हो सकती थी। अब सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर आगे बढ़ने की योजना बना रही है। लोकसभा सीटें 543 से बढ़कर 816 हो सकती हैं, जिनमें करीब 273 महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। दो बड़े संवैधानिक संशोधन प्रस्तावित हैं। OBC के लिए अलग आरक्षण का प्रावधान नहीं, लेकिन SC/ST आरक्षण पहले की तरह जारी रहेगा।