मऊगंज: सिर कटी लाश को लेकर बड़ा खुलासा! ये हत्या नहीं आत्महत्या थी

पन्नी गांव के तालाब में 14 नवंबर को मिली सिर कटी लाश की जांच में पता चला कि विकास साकेत ने अपमानित किए जाने पर आत्महत्या की थी। तीन लोगों ने विवाद के दौरान उसे मरने के लिए उकसाया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मऊगंज: सिर कटी लाश को लेकर बड़ा खुलासा! ये हत्या नहीं आत्महत्या थी

14 नवंबर को पन्नी गांव के तालाब में मिली सिर कटी लाश के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में पता चला कि युवक विकास साकेत ने अपमानित और उकसाए जाने के बाद तालाब में कूदकर आत्महत्या की थी। आत्महत्या के लिए उकसाने वाले तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

विकास 15 अक्टूबर से लापता था। 17 अक्टूबर को उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। 14 नवंबर को तालाब में उसका शरीर मिला, जिसमें सिर और पैरों के पंजे गायब थे। कपड़ों से पहचान होने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम किया। दो दिन बाद 16 नवंबर को तालाब से उसका सिर भी बरामद हुआ।

अपमान बना आत्महत्या का कारण

पुलिस जांच में सामने आया कि 15 अक्टूबर की रात विकास अपने रिश्तेदार मनोज के साथ अंडा खाने गया था। वहां धर्मराज मिश्रा, बाबा कोल और पोले कोल ने मनोज से विवाद किया और मारपीट की। बीच-बचाव करने आए विकास को भी गाली देकर कहा— जिंदा रहने लायक नहीं, जाकर डूबकर मर जा।

इन बातों से आहत होकर विकास वहां से चला गया और वापस नहीं लौटा।

परिजनों ने तालाब में देखा स्लीपर, फिर मिली लाश

एक महीने से विकास की तलाश कर रहे परिजन 14 नवंबर को पन्नी गांव के तालाब पहुंचे। वहां पानी में उसकी स्लीपर दिखी। कुछ दूर जाने पर लाश भी नजर आई। पुलिस ने शव और साक्ष्य बरामद कर पोस्टमार्टम करवाया।

तीनों आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने वाले धर्मराज मिश्रा, रामदरश उर्फ बाबा कोल और राजीव उर्फ पोले कोल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

विक्रम सिंह परिहार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मऊगंज