रीवा: किसान से कहा गया- ''10 हजार दो, तभी गृह मंत्री से मिलेगा सम्मान”
रीवा के एक किसान का आरोप है कि गृह मंत्री के हाथों सम्मान दिलाने के नाम पर उससे 10 हजार रुपये मांगे गए। पैसे न देने पर कार्यक्रम से पहले ही उसका नाम सम्मान सूची से हटा दिया गया।
रीवा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जैविक खेती करने वाले एक किसान का आरोप है कि 10 हजार रुपये की रिश्वत न देने की वजह से उसे सम्मान से वंचित कर दिया गया। किसान का कहना है कि उसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों सम्मानित किया जाना था, लेकिन प्रोग्राम से ठीक पहले उसका नाम लिस्ट से हटा दिया गया।
यह मामला रीवा में हाल ही में हुए जैविक खेती से जुड़े कार्यक्रम का है। इस प्रोग्राम में जिले के दो किसानों को सम्मानित किया जाना था।

कृष्ण पाल सिंह
इनमें से एक किसान कृष्ण पाल सिंह, मंनगवा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बसेरा के रहने वाले हैं। वे ड्रैगन फ्रूट की जैविक खेती करते हैं। किसान का कहना है कि कृषि विभाग ने उनको चुना था। उन्हें सम्मान समारोह का बुलावा पत्र भेजा गया, जरूरी कागजात मांगे गए और कार्यक्रम वाले दिन सरकारी गाड़ी से उन्हें कार्यक्रम स्थल तक लाया गया।
कृष्ण पाल सिंह का आरोप है कि कार्यक्रम स्थल पहुंचने के बाद उनसे 10 हजार रुपये देने को कहा गया। यह मांग कृषि विभाग के एक अधिकारी के जरिए की गई जिनका नाम यूपी बागरी है।

ड्रैगन फ्रूट की खेती

जब उन्होंने पैसे देने से मना किया, तो उसी समय उनका नाम सम्मान सूची से हटा दिया गया और किसी दूसरे किसान को उनकी जगह सम्मान दिया गया।
किसान का कहना है कि यह केवल उनके साथ ही नहीं, बल्कि मेहनत से काम करने वाले किसानों के साथ गलत है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की जांच हो। इस मामले पर फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
Saba Rasool 
