पचोर पेट्रोल पंप अग्निकांड: बाइक में पेट्रोल भरते ही भड़की आग, 12 लोग झुलसे, इलाके में मचा हड़कंप
राजगढ़ के पचोर में देर रात हुआ भीषण हादसा, डीजल टैंकर तक पहुंची आग, 5 धमाकों से दहला पचोर, कई वाहन खाक
राजगढ़। जिले के पचोर कस्बे में सोमवार रात करीब 8:30 बजे एक पेट्रोल पंप पर भीषण आग लग गई। यह हादसा चुन्नीलाल मुन्नालाल भारत पेट्रोलियम पंप पर हुआ, जिसने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि डीजल से भरा एक टैंकर भी इसकी चपेट में आ गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
बाइक में पेट्रोल भरते समय लगी चिंगारी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे की शुरुआत उस समय हुई जब एक युवक गर्म हालत में बाइक लेकर पेट्रोल भरवाने पहुंचा। जैसे ही बाइक का टैंक खोला गया और नोजल लगाया गया, अचानक चिंगारी उठी और आग भड़क गई। कुछ ही सेकंड में आग ने आसपास मौजूद वाहनों और पेट्रोल पंप के हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।
सेल्समैन जगदीश धनगर ने बताया कि घटना के समय पंप पर एक तरफ ट्रैक्टर और केनों में डीजल भरा जा रहा था, जबकि दूसरी तरफ बाइक में पेट्रोल डाला जा रहा था। इसी दौरान आग भड़कने से स्थिति बेकाबू हो गई।

5 से ज्यादा धमाके, 12 लोग झुलसे
आग लगते ही पूरे इलाके में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस दौरान 5 से ज्यादा जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठ रही थीं और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए, जिससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
हादसे में कुल 12 लोग झुलस गए। इनमें दो महिलाएं लतीफा बी और सलोनी तथा एक पुरुष बलराम शामिल हैं। बलराम की हालत गंभीर होने पर उसे प्राथमिक इलाज के बाद इंदौर रेफर किया गया। अन्य घायलों का इलाज शाजापुर जिला अस्पताल, पचोर के शासकीय अस्पताल और एक निजी अस्पताल में चल रहा है।

दमकल ने पाया काबू, प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के करीब 15 मिनट बाद दमकल मौके पर पहुंची, लेकिन आग काफी फैल चुकी थी। आग की तीव्रता को देखते हुए नगर पालिका की टीम ने अतिरिक्त फायर फोम मंगवाया। करीब 100 लीटर फायर फोम के इस्तेमाल के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
वहीं, एसडीएम रोहित बमोरे ने बताया कि हादसे में कुल 12 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक को गंभीर हालत में इंदौर रेफर किया गया है। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा मानकों में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।
Varsha Shrivastava 
