बारिश से पहले ही डूबने को तैयार मऊगंज: कचरे से पटी नालियां, बीमारी का खुला निमंत्रण

स्वच्छता के नाम पर लाखों खर्च पर सफाई मित्र सिर्फ कागजों में, जिम्मेदार बेखबर मानसून से पहली ही पानी निकासी बनी समस्या

बारिश से पहले ही डूबने को तैयार मऊगंज: कचरे से पटी नालियां, बीमारी का खुला निमंत्रण

मऊगंज से रिपोर्टर राजेंद्र पयासी। 

जिले के तीनों नगरीय निकाय मऊगंज, नईगढ़ी और हनुमना में मानसून से पहले ही हालात बेकाबू होते दिख रहे हैं। नगरीय प्रशासन की लापरवाही के चलते शहर की नालियां कचरे से पटी पड़ी हैं। बजबजाती नालियों में सड़न और मच्छरों का साम्राज्य है। स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि अगर समय रहते सफाई और पानी निकासी की उत्तम व्यवस्था नहीं हुई तो बारिश में स्थिति विकराल होगी और महामारी फैलना तय है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्वच्छता मिशन के नाम पर हर साल लाखों-करोड़ों की राशि खर्च की जा रही है। कागजों में तीनों नगर परिषदों में पर्याप्त संख्या में सफाई मित्र कार्यरत हैं। हर महीने मोटी रकम वेतन के रूप में बांटी जा रही है। फिर भी शहर की नालियां आखिर साफ क्यों नहीं हो रही? स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इन कामगारों से मांग के अनुसार सफाई कार्य नहीं कराया जाता। नतीजा, जन सुखाधिकार को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।

निकाय क्षेत्रों में हालात अत्यंत खराब

जिले के नईगढ़ी के वार्ड क्रमांक 13 बसोर बस्ती, पुरानी बाजार, हनुमना का घनी आबादी वाला क्षेत्र और मऊगंज पुराना बस स्टैंड के आसपास, सब्जी मंडी, पुरानी बाजार, दुबे चौराहा के पास, पशु चिकित्सालय चाक मोड़ के आसपास नालियों की स्थिति सबसे दयनीय है। कचरा जमा होने से पानी निकासी पूरी तरह ठप है। हल्की बारिश में ही सड़कें तालाब बन जाती हैं। गंदा पानी घरों-दुकानों में घुसता है। इसी गंदगी में पनप रहे मच्छर डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों को सीधा न्योता दे रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि कई बार नगर परिषद के अधिकारियों को शिकायत दी गई, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। व्यवस्था के नाम पर राशि तो आहरित कर ली जाती है, लेकिन धरातल पर काम शून्य है। मऊगंज नगर के एक व्यापारी ने आक्रोश जताया और कहा कि स्वच्छता के नाम पर स्थिति अत्यंत दयनीय है लोगों को घरों के सामने बॉक्स रखने के लिए आदेश को जारी किए गए हैं। लेकिन नगर की नालियां सड़ाध मार रही हैं निकाय के जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी भूल चुके हैं। लोगों ने अब सीधे जिला प्रशासन मऊगंज से हस्तक्षेप की मांग की है। 

नागरिकों ने प्रशासन से लगाई गुहार
 
नगरीय क्षेत्रों में छाई अव्यवस्था से परेशान आम नागरिकों ने कहा कि वर्षा पूर्व युद्ध-स्तर पर सभी नालियों की सफाई कराई जाए। पानी निकासी के लिए पक्की और उत्तम व्यवस्था बनाई जाए ताकि जलभराव न हो। नालियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में मच्छरनाशक दवा का नियमित छिड़काव हो। सफाई मित्रों से काम न कराने वाले और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई हो।

जनप्रतिनिधि भी अब इस मुद्दे पर मुखर हो रहे हैं। नईगढ़ी नगर परिषद वार्ड क्रमांक 7 के पार्षद रतनलाल मिश्र का कहना है कि अगर प्रशासन ने तुरंत कदम नहीं उठाए तो आने वाले दिनों में स्थिति संभालना मुश्किल होगा। बारिश के मौसम में जल भराव हुआ और गंदगी के कारण बीमारी फैली तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगरीय प्रशासन की होगी।

मानसून सिर पर है। अब देखना यह है कि क्या नगर प्रशासन इस जन आक्रोश का संज्ञान लेकर त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हैं, या फिर हर साल की तरह इस बार भी जनता को बीमारी और जलभराव का दंश झेलना पड़ेगा। फिलहाल तो कचरे से पटी नालियां पूरे सिस्टम की पोल खोल रही हैं।