लोकल बसों में सन्नाटा, लग्जरी बसों में लूट, होली से पहले किराया आसमान पर

राजधानी से प्रदेश के अंदर चलने वाली बसें खाली हैं,जबकि बाहरी राज्यों के लिए जाने वाली लग्जरी बसों का किराया निजी बस संचालकों ने होली पर दोगुना तक बढ़ा दिया है।

लोकल बसों में सन्नाटा, लग्जरी बसों में लूट, होली से पहले किराया आसमान पर

भोपाल:राजधानी से प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाने वाली बस सेवाएं इन दिनों सुस्त पड़ी हैं। राजधानी से प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाने वाली बसों को लेकर प्रस्तावित हड़ताल भले ही अंतिम समय में निरस्त कर दी गई हो, लेकिन इसकी सूचना से यात्रियों में बने असमंजस का अब भी असर दिख रहा है। हड़ताल की आशंका के चलते कई यात्रियों ने पहले ही अपनी यात्राएं टाल दीं, जिसके कारण स्थानीय रूटों पर बसो मे सवारियां कम नजर आई।

स्थानीय रूटों पर यात्रियों की कमी

राजधानी भोपाल से छिंदवाड़ा, रायसेन, हरदा, बैतूल, इटारसी और नर्मदापुरम जाने वाली बसों में यात्री संख्या में भारी गिरावट देखी जा रही है। इसका सीधा असर बस संचालकों और कर्मचारियों की आय पर पड़ रहा है।

लग्जरी बसों में महंगी हुई यात्रा

वहीं दूसरी ओर, मध्यप्रदेश से अन्य राज्यों राजस्थान , मुंबई, दिल्ली की ओर जाने वाली लग्जरी बसों में स्थिति बिल्कुल उलट है। होली पर्व के चलते राज्य से बाहर जाने वाले यात्रियों को सफर महंगा पड़ रहा है।अलग अलग  निजी बस संचालकों ने होली पर किराए में भारी इजाफा कर दिया है।यात्रियों का आरोप है कि त्योहार की मजबूरी का खुला फायदा उठाया जा रहा है और किराए में बढ़ोतरी पर कोई नियंत्रण नजर नहीं आ रहा।

होली पर यात्रियों की जेब पर असर

बस कर्मचारियों से यात्री बनकर की गई बातचीत में पता चला की भोपाल से जयपुर का सामान्य किराया जहां पहले 700 से 800 रुपये था, वहीं अब 1600 से 2000 रुपये तक वसूला जा रहा है। भोपाल से पुणे का किराया आम दिनों में 1300 से 1500 रुपये रहता था, जो अब होली की वजह से  1600 से 1800 रुपये तक पहुंच गया है। भोपाल से अहमदाबाद का किराया पहले 800 से 1000 रुपये था, जो अब बढ़कर 1200 से 1600 रुपये तक हो गया है।  त्योहारी सीजन में यात्रियों की मजबूरी का लाभ उठाकर किराया बढ़ाए जाने से आम लोगों की जेब पर पड़ रहा हे।