दूषित पानी विवाद के बीच एक्शन में निगम, इंदौर की वॉटर टेस्टिंग लैब होगी हाईटेक; जांच क्षमता 3 गुना बढ़ेगी
इंदौर में दूषित पानी को लेकर उठे विवाद और भागीरथपुरा में हुई मौतों के बाद नगर निगम ने अपनी वॉटर टेस्टिंग लैब को अत्याधुनिक बनाने का फैसला किया है। नई हाईटेक मशीनों की मदद से लैब की जांच क्षमता 600-700 सैंपल प्रतिदिन से बढ़कर 2000 से अधिक सैंपल प्रतिदिन हो जाएगी।
इंदौर: शहर में पानी की गुणवत्ता को लेकर जारी सियासी और प्रशासनिक विवाद के बीच इंदौर नगर निगम (IMC) ने एक बड़ा कदम उठाया है। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों और उसके बाद लैब की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों के बाद अब निगम अपनी बायोमेट्रिकल वॉटर टेस्टिंग लैब को अत्याधुनिक (हाईटेक) बनाने की तैयारी में जुट गया है।
जांच व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लाखों रुपये की नई आधुनिक मशीनें खरीदी जा रही हैं, जिससे लैब की रोजाना सैंपल जांचने की क्षमता तीन गुना तक बढ़ जाएगी।
जीतू पटवारी की रिपोर्ट के बाद गर्माया था मुद्दा..
दरअसल, इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों से लिए गए पानी के नमूनों की एक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की थी। इस रिपोर्ट में इंदौर के कई इलाकों में सप्लाई होने वाले पानी को दूषित और पीने के अयोग्य बताया गया था। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव खुद मैदान में उतरे थे। उन्होंने शहर के कई प्रभावित इलाकों का दौरा किया और सीधे सप्लाई लाइनों से पानी पीकर निगम की जल गुणवत्ता व्यवस्था को सही ठहराया था।
700 से सीधे 2000 पार पहुंचेगी जांच क्षमता..
इंदौर शहर में इस वक्त 3 लाख से अधिक वैध जल कनेक्शन हैं। वर्तमान में नगर निगम की लैब में प्रतिदिन 600 से 700 पानी के सैंपलों की जांच की जाती है, जो कि शहर की आबादी के लिहाज से कम पड़ रही थी।
क्षमता में रिकॉर्ड बढ़ोतरी..
नई अत्याधुनिक मशीनें इंस्टॉल होने के बाद प्रतिदिन 2000 से अधिक पानी के सैंपलों की जांच की जा सकेगी।
24 घंटे में मिलेगी रिपोर्ट..
निगम का उद्देश्य इस अपग्रेडेशन के जरिए मौके पर त्वरित जांच (स्पॉट टेस्टिंग) कर 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराना है, ताकि कहीं भी लीकेज या दूषित पानी की शिकायत हो तो उसे तत्काल दूर किया जा सके।
महापौर ने कांग्रेस की रिपोर्ट पर उठाए सवाल..
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कांग्रेस द्वारा जारी की गई पानी की रिपोर्ट को खारिज करते हुए उनकी पद्धति पर ही सवाल खड़े किए।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव के मुताबिक..
शहर के हर नागरिक तक स्वच्छ पानी पहुंचाना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कांग्रेस की जो जांच रिपोर्ट सामने आई है, उसकी प्रक्रिया और सैंपल कलेक्ट करने के तरीके पर कई तरह के प्रश्नचिह्न हैं। हम व्यवस्था को और पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए लैब को हाईटेक कर रहे हैं ताकि जनता को शुद्ध पानी का भरोसा मिल सके।

