आगर मालवा में कांग्रेस में बगावत! विधायक भैरोंसिंह परिहार बोले 'कार्यकर्ताओं के सम्मान से समझौता नहीं'
आगर मालवा जिले की सुसनेर विधानसभा सीट से विधायक भैरोंसिंह परिहार बापू ने अपनी ही पार्टी के प्रदेश नेतृत्व और संगठन के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। शुक्रवार को नलखेड़ा में पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान मंच से उन्होंने जमकर नाराजगी जताई और भोपाल के कुछ बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए।
विधायक परिहार ने आरोप लगाया कि कुछ प्रदेश स्तर के नेता दलाली कर रहे हैं और कांग्रेस को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर संगठन का कोई नेता बिना बताए मेरे क्षेत्र में आया तो उसका मुँह काला करके बाहर निकाला जाएगा।"
उनकी नाराजगी का कारण विधानसभा क्षेत्र में बिना सूचना दिए ब्लॉक और नगर कार्यकारिणी की बैठकों का आयोजन होना था। इन बैठकों में पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल भैया शामिल हुए थे। भैरोंसिंह बापू मौजूदा विधायक होने के बावजूद उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। कार्यक्रम के पोस्टरों से भी उनकी तस्वीरें गायब थीं।

विधायक ने कहा, "2023 के चुनाव में जिन लोगों ने कांग्रेस के खिलाफ काम किया और गद्दारी की, आज भोपाल के बड़े नेता उन्हीं लोगों को अपनी गाड़ियों में भर-भरकर बैठकों में ला रहे हैं।"
अपने आक्रामक भाषण में भैरोंसिंह परिहार बापू ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, लेकिन भोपाल में बैठे कुछ नेता प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं बनने दे रहे, जबकि जनता बदलाव चाहती है।
विधायक ने स्पष्ट कहा, "जो मैं बोल रहा हूं, वह सच है। अगर पार्टी को मेरा सच बोलना बुरा लगता है तो संगठन मेरे खिलाफ जो चाहे कार्रवाई कर सकता है। मैं हर आदेश मान लूँगा, लेकिन अपने कार्यकर्ताओं के सम्मान से कोई समझौता नहीं करूंगा।"

इस घटना के बाद आगर मालवा जिले से लेकर भोपाल तक कांग्रेस की अंदरूनी कलह एक बार फिर सार्वजनिक रूप से सामने आ गई है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल भैया ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मैं दर्शन करने आया था। मेरा कार्यक्रम आगर में था। विधायक को जो बात करनी थी, कमरे में बोलनी चाहिए थी। इस तरह माइक छोड़कर आरोप लगाना गलत है।"
वहीं, कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजयलक्ष्मी तंवर ने कहा, "इस तरह सार्वजनिक रूप से बात करना गलत है। जो भी मुद्दा था, उसे पार्टी फोरम में रखना चाहिए था। इस तरीके से अनुशासनहीनता करना उचित नहीं है।"

