इंदौर में जल संवर्धन अभियान को मिलेगा बड़ा विस्तार, 21 लाख पौधे लगाने की घोषणा

राम मंदिर चंदा मामले पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का सख्त संदेश, बोले— दोषी कोई भी हो, कड़ी कार्रवाई होगी

इंदौर में जल संवर्धन अभियान को मिलेगा बड़ा विस्तार, 21 लाख पौधे लगाने की घोषणा

इंदौर के जाल सभागृह में आयोजित जल संवर्धन कार्यक्रम में प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और वृक्षारोपण को लेकर बड़ी घोषणा की। वहीं कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा में उन्होंने राम मंदिर चंदा मामले, पश्चिम बंगाल के ओबीसी मुद्दे और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।

21 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा

जल संवर्धन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर जिले में आने वाले समय में 21 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जल स्रोतों को सुरक्षित रखने के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण बेहद जरूरी है। उनके अनुसार पेड़ केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि नदियों और भूजल स्रोतों को जीवित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नर्मदा सहित अन्य नदियों का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि नदियों को बचाना है तो अधिक से अधिक पेड़ लगाने होंगे।

वहीं, कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा के दौरान मंत्री विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी द्वारा ओबीसी कानून में बदलाव से जुड़े प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस विषय की जानकारी फिलहाल सोशल मीडिया के माध्यम से देखी है और पूरी जानकारी मिलने के बाद ही विस्तृत टिप्पणी करेंगे। हालांकिं उन्होंने कहा कि यदि ऐसा प्रस्ताव पारित हुआ है तो यह आवश्यक कदम हो सकता है, क्योंकि कुछ राज्यों ने वोट बैंक की राजनीति के लिए ऐसे फैसले किए थे, जो उचित नहीं थे। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को वोट की राजनीति के लिए इस तरह का दुस्साहस नहीं करना चाहिए।

राम मंदिर चंदा चोरी पर बोले विजयवर्गीय

वहीं, राम मंदिर चंदा चोरी के मामले पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि दोषी कोई भी हो, उसे कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था को आहत करती हैं। विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया है और उन्हें विश्वास है कि मामले में "दूध का दूध और पानी का पानी" होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी ने आस्था के केंद्र में घोटाला किया है तो उसे जेल जाना ही होगा।

इसके साथ ही एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर भी मंत्री विजयवर्गीय ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें ओवैसी ने कहा था कि यदि राम मंदिर घोटाले में कोई मुस्लिम आरोपी होता तो उसका एनकाउंटर हो जाता। विजयवर्गीय ने इस बयान को पूरी तरह काल्पनिक और निराधार बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान केवल भ्रम फैलाने के लिए दिए जाते हैं और इनका तथ्यों से कोई संबंध नहीं है।