इंदौर: CM ने दी शहर को बड़ी सौगात, 800 करोड़ की अमृत 2.0 जलप्रदाय योजना का भूमि पूजन

इंदौर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहर को बड़ी सौगात देते हुए 800 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली अमृत 2.0 जलप्रदाय योजना का भूमि पूजन किया

इंदौर: CM ने दी शहर को बड़ी सौगात, 800 करोड़ की अमृत 2.0 जलप्रदाय योजना का भूमि पूजन
Amrit 2.0 water scheme Indore

इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर में 800.19 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली अमृत 2.0 जलप्रदाय योजना का भूमि पूजन किया। इस योजना के तहत जलूद और ग्राम भकलाय क्षेत्र में 1650 एमएलडी क्षमता का नवीन इंटेकवेल बनाया जाएगा, जिससे इंदौर की जल परिवहन क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी और भविष्य में शहर की जल आवश्यकताओं को सुनिश्चित किया जा सकेगा।

भूमि पूजन समारोह में मुख्यमंत्री ने मकर संक्रांति के अवसर का जिक्र करते हुए कहा कि आज इंदौर फिर से विकास की राह पर आगे बढ़ने का संकल्प ले रहा है। हमारे शहर ने हमेशा देश में विकास के मामले में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इंदौर ने हर दौर में अग्रणी भूमिका निभाई है।

इस अवसर पर अमृत 2.0 जलप्रदाय योजना का महत्व विशेष रूप से शहर की जल आपूर्ति और भविष्य की योजनाओं के लिए अहम बताया गया। योजना के पूरा होने के बाद इंदौर की जल आपूर्ति प्रणाली मजबूत होगी और शहर के बढ़ते जल आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा।

कार्यक्रम में भाजपा और अन्य स्थानीय नेताओं के अलावा सरकारी अधिकारी भी मौजूद रहे। भूमि पूजन समारोह के बाद अधिकारियों ने योजना के तकनीकी विवरण और समयसीमा के बारे में जानकारी दी। इंदौरवासियों को उम्मीद है कि इस योजना के लागू होने से न केवल पानी की उपलब्धता में सुधार होगा बल्कि शहर के विकास की गति भी और तेज होगी।

सीएम ने कांग्रेस पर साधा निशाना

भूमि पूजन समारोह में मुख्यमंत्री ने मंच से अपने संबोधन में कहा कि यह योजना शहर की जल आपूर्ति को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ इंदौरवासियों के लिए जीवन स्तर में सुधार लाने में मदद करेगी। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से इंदौर का जल संकट काफी हद तक कम होगा और शहर देश के तेजी से विकसित होने वाले शहरों में शामिल रहेगा।

सीएम ने मालवा और निमाड़ क्षेत्र में नर्मदा जल की आपूर्ति संबंधी कांग्रेस के रवैये पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पूरे क्षेत्र में नर्मदा का पानी आने नहीं दिया, जबकि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरदार सरोवर बांध का निर्माण कर इसे सुनिश्चित किया गया। उन्होंने जल जीवन मिशन का भी जिक्र करते हुए बताया कि इसके माध्यम से हर गांव तक पीने का पानी पहुंचाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने जनता की कठिनाइयों को समझा और उनके समाधान के लिए सक्रिय कदम उठाए। उनका कहना था कि सरकार का मन बड़ा है और वह सभी नागरिकों को साथ लेकर विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है। उन्होंने विकास और जनता के कल्याण को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।

विजयवर्गीय ने दी कांग्रेस को चुनौती

सीएम मोहन यादव ने इस अवसर पर कांग्रेस पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस के लोग आपदा में भी अवसर केवल राजनीतिक लाभ के लिए ढूंढते हैं। कठिन समय में हमने संवेदनशीलता के साथ स्थिति को संभाला, लेकिन यदि किसी ने लाशों पर राजनीति करने की कोशिश की तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने विपक्ष से सकारात्मक और जिम्मेदार तरीके से अपने मत व्यक्त करने की अपील की।

कार्यक्रम में मंच से भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी कांग्रेस को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि जो लोग आंदोलन कर रहे हैं, वे पहले यह बताएं कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने क्या उपलब्धियां हासिल की हैं। अगर वे नहीं बता सकते तो वह खुद मंच पर यह स्पष्ट करेंगे कि भारतीय जनता पार्टी ने इंदौर शहर के लिए क्या-क्या काम किए हैं।

विजयवर्गीय ने कहा, चुनौतियां हमेशा आती रहती हैं, लेकिन उनसे जूझने की क्षमता होना जरूरी है। सिर्फ एक-दूसरे की बुराई करने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने इंदौर के सफाईकर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि ये कर्मचारी रात दो बजे भी शहर को साफ रखने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। ऐसे कर्मठ कर्मचारियों पर सवाल उठाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि इंदौर को नंबर वन बनाने के लिए गलत दस्तावेज दिए जाने जैसे आरोपों को भी स्वीकार नहीं किया जा सकता और ऐसे आरोप लगाने वालों को जनता से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।