फुजैराह तेल डिपो पर ईरानी हमला, 3 भारतीय घायल; भड़के पीएम मोदी ने दी कड़ी चेतावनी
UAE के फुजैराह ऑयल पोर्ट पर हमले में 3 भारतीय घायल होने के बाद भारत ने कड़ा विरोध जताया। Narendra Modi ने कहा- नागरिकों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला स्वीकार नहीं। जानिए Iran-UAE तनाव और होर्मुज की स्थिति।
मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण फुजैराह ऑयल पोर्ट पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खलबली मचा दी है। इस हमले में तीन भारतीय नागरिकों के घायल होने की खबर है, जिससे भारत सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर हमले को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
भारत का कड़ा रुख..
नागरिकों पर हमला बर्दाश्त नहीं, फुजैराह में हुए हमले में भारतीयों के घायल होने के बाद भारत ने आधिकारिक तौर पर अपना विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर सभी पक्षों से तुरंत हिंसा रोकने की अपील की है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर इस घटना की निंदा करते हुए कहा..आम लोगों और जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
Strongly condemn the attacks on the UAE that resulted in injuries to three Indian nationals. Targeting civilians and infrastructure is unacceptable.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 5, 2026
India stands in firm solidarity with the UAE and reiterates its support for the peaceful resolution of all issues through…
भारत ने यह भी जोर दिया कि होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रहनी चाहिए, क्योंकि यह वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए जीवनरेखा है।
फुजैराह हमला..
क्या हुआ और क्यों है यह महत्वपूर्ण..UAE के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरान ने फुजैराह के पेट्रोलियम प्लांट को निशाना बनाकर 12 बैलिस्टिक मिसाइलें, 3 क्रूज मिसाइलें और 4 आत्मघाती ड्रोन दागे। हालांकि UAE ने दावा किया कि उसने अधिकांश हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया, लेकिन एक पेट्रोलियम प्लांट में आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से भारतीय कर्मचारी घायल हो गए।
???? یک فروند هواپیمای سوخترسان KC-135R نیروی هوایی ایالات متحده آمریکا که از پایگاه هوایی الظفره امارات برخاسته بود، در حین پرواز بر فراز خلیج فارس، کد اضطراری ۷۷۰۰ را مخابره کرد.
— خبرگزاری فارس (@FarsNews_Agency) May 5, 2026
????ارسال این کد به معنای وجود یک وضعیت اضطراری و فوری است که نیاز به فرود دارد. pic.twitter.com/o3HBB660hs
फुजैराह की अहमियत..
फुजैराह बंदरगाह UAE के लिए आर्थिक रीढ़ की हड्डी है। 'हबशन फुजैराह पाइपलाइन' के जरिए UAE का लगभग 50% से ज्यादा कच्चा तेल एक्सपोर्ट होता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ से तेल निर्यात करने के लिए जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट के भीतर जाने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे वे ईरानी खतरे से बच सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पर हमला करके ईरान ने संदेश दिया है कि वह UAE के सबसे सुरक्षित आर्थिक ठिकानों को भी तबाह करने की क्षमता रखता है।

ट्रंप का 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' और अमेरिका की तैयारी..
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' (Project Freedom) की शुरुआत की है। इस सैन्य पहल का उद्देश्य होर्मुज की खाड़ी में फंसे विदेशी व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना और ईरानी नौसेना के दबाव को खत्म करना है।
USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश की तैनाती..
अमेरिका ने इस मिशन के लिए अपना विशालकाय विमानवाहक पोत (Aircraft Carrier) खाड़ी में भेज दिया है, जिस पर 60 से अधिक लड़ाकू विमान तैनात हैं।
USS George H.W. Bush (CVN 77) transits the Arabian Sea as U.S. forces enforce the naval blockade against Iran from the Gulf of Oman and support Project Freedom in the Strait of Hormuz. The carrier has more than 60 aircraft on board. pic.twitter.com/u7U9YyhBO8
— U.S. Central Command (@CENTCOM) May 5, 2026
रक्षा मंत्री का बयान..
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान से युद्ध नहीं चाहता, लेकिन समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर समझौता नहीं होगा। उन्होंने इसे ईरान के "गैरकानूनी दबाव" के खिलाफ एक सुरक्षात्मक कदम बताया।
दक्षिण कोरियाई जहाज पर हमला और वैश्विक प्रतिक्रिया..
तनाव तब और बढ़ गया जब होर्मुज स्ट्रेट में दक्षिण कोरिया के एक व्यापारिक जहाज पर धमाके के बाद आग लग गई। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। दक्षिण कोरिया अब अमेरिका के 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' में शामिल होने पर विचार कर रहा है, जो ईरान के लिए एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मोर्चा बन सकता है।
दूसरी ओर, पाकिस्तान ने भी इस हमले की निंदा की है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने UAE के प्रति एकजुटता जाहिर करते हुए कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए सीजफायर का पालन अनिवार्य है। दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका ने हाल ही में जब्त किया गया एक ईरानी जहाज 'टूस्का' पाकिस्तान को सौंपा है, जिसे वापस ईरान भेज दिया गया।
Pakistan strongly condemns the missile and drone attacks on civilian infrastructure in the United Arab Emirates last night. I express full solidarity with His Highness @MohamedBinZayed. Pakistan stands firmly with our Emirati brothers and sisters as well as with the Government of…
— Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) May 5, 2026
बाजार पर असर..
कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल, युद्ध की आहट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी हिला दिया है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमत 5% बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गई। मई 2022 के बाद यह सबसे बड़ा उछाल है। निवेशकों को डर है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट बंद होता है या तेल सुविधाओं पर हमले जारी रहते हैं, तो दुनिया को गहरे ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ सकता है।
ईरान का पलटवार और चीन का रुख..
ईरान ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद गालीबाफ ने ट्रंप के 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को ही तनाव की असली वजह बताया है। ईरान का दावा है कि अमेरिका ने होर्मुज में जो नया वैकल्पिक समुद्री रास्ता (ओमान के तट के पास) बताया है, वह "पत्थरों से भरा और असुरक्षित" है, जहाँ कई व्यापारिक जहाज फंस रहे हैं।
इस बीच, कूटनीतिक मोर्चे पर ईरान ने चीन की ओर हाथ बढ़ाया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची आज बीजिंग में चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि ईरान अमेरिका के आर्थिक और सैन्य दबाव के खिलाफ चीन का समर्थन हासिल करना चाहता है।

अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम..
रहस्यमयी तरीके से लापता हुआ अमेरिकी विमान: अमेरिकी वायुसेना का एक KC-135 स्ट्रैटोटैंकर (फ्लाइंग गैस स्टेशन) कतर के पास इमरजेंसी सिग्नल देने के बाद लापता हो गया है। अमेरिका ने अभी इस पर चुप्पी साध रखी है।
ईरान में फांसी की सजा..
ईरान ने मोसाद से जुड़े होने के आरोप में 3 लोगों को फांसी दे दी है। इस साल अब तक ईरान में 25 राजनीतिक कैदियों को मृत्युदंड दिया जा चुका है।
पोप और ट्रंप के बीच मतभेद..
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो वेटिकन में पोप लियो से मिल सकते हैं। इससे पहले पोप ने ईरान पर अमेरिकी हमलों की आलोचना की थी, जिस पर ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी।
मिडिल ईस्ट इस समय एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहाँ एक छोटी सी गलती बड़ी विश्वव्यापी जंग का कारण बन सकती है। भारत के लिए यह स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि खाड़ी देशों में लाखों भारतीय नागरिक काम करते हैं और भारत की ऊर्जा जरूरतें इसी क्षेत्र पर निर्भर हैं। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' सुरक्षा लाएगा या यह ईरान के साथ सीधे टकराव का कारण बनेगा।

