बिहार कैबिनेट विस्तार: कल शपथ लेगी 'सम्राट की सेना', 27 नामों की लिस्ट तैयार

बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई में NDA सरकार 7 मई 2026 को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रही है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होने वाले इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में करीब 27 मंत्री शपथ ले सकते हैं।

बिहार कैबिनेट विस्तार: कल शपथ लेगी 'सम्राट की सेना', 27 नामों की लिस्ट तैयार

बंगाल और असम में BJP की शानदार जीत के बाद बिहार में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली NDA सरकार कल यानी 7 मई 2026 को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रही है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 'सम्राट की सेना' शपथ ग्रहण समारोह होगा, जिसमें करीब 27 नए और पुराने चेहरों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। इस विस्तार पर पूरे बिहार की नजरें टिकी हुई हैं, खासकर विजय सिन्हा समेत कई दिग्गज नेताओं की भूमिका को लेकर।

सम्राट सरकार का फॉर्मूला..
50-50 का संतुलन, 2025 के विधानसभा चुनावों में NDA की जीत के बाद नीतीश कुमार की अगुवाई में सरकार बनी थी। नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने। जेडीयू कोटे से बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय चौधरी उप-मुख्यमंत्री बनाए गए। अब मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए सरकार को और मजबूत करने की कवायद चल रही है।

सूत्रों के अनुसार, BJP और JDU के बीच मंत्रियों की बराबर-बराबर बंटवारा का फॉर्मूला अपनाया जाएगा। NDA के अन्य सहयोगी दलों- चिराग पासवान की LJP (रामविलास), जीतन राम मांझी की HAM और उपेंद्र कुशवाहा की RLM को भी उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। कुल 27 मंत्रियों में ज्यादातर पुराने अनुभवी चेहरों को दोबारा मौका मिलने की संभावना है, साथ ही कुछ नए चेहरों को भी शामिल कर सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति है।

BJP कोटे से संभावित मंत्री..
विजय सिन्हा पर सबकी नजर, BJP कोटे से सबसे ज्यादा चर्चा विजय कुमार सिन्हा की है। सूत्र बता रहे हैं कि उन्हें कैबिनेट में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में विजय सिन्हा को जगह मिलना लगभग तय माना जा रहा है।
अन्य प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

  • मंगल पांडे
  • दिलीप जायसवाल
  • राम कृपाल यादव
  • श्रेयसी सिंह
  • लखेंद्र पासवान
  • रमा निषाद
  • प्रमोद चंद्रवंशी
  • अरुण शंकर प्रसाद
  • संजय सिंह टाइगर
  • सुरेंद्र मेहता

नए चेहरे..
BJP नए चेहरों को भी मौका दे रही है। संजीव चौरसिया, नीतीश मिश्रा और मनोज शर्मा के नाम जोर-शोर से चल रहे हैं। इन तीनों को मंत्री बनाकर पार्टी युवा और नई ऊर्जा को कैबिनेट में लाना चाहती है।

JDU कोटे से कौन-कौन..
JDU भी अपने पुराने विश्वस्त मंत्रियों को दोहराने की तैयारी में है। संभावित नाम:

  • श्रवण कुमार
  • अशोक चौधरी
  • लेशी सिंह
  • सुनील कुमार
  • मदन सहनी
  • मोहम्मद जमा खान

नए चेहरे..
शीला मंडल, भगवान सिंह कुशवाहा, बुलो मंडल, विनय चौधरी और JDU की निशांत टीम से कोई युवा चेहरा भी शामिल हो सकता है।

सहयोगी दलों का हिस्सा..

  1. LJP (रामविलास): चिराग पासवान के करीबी संजय सिंह और संजय पासवान को दोबारा मौका मिल सकता है।
  2. HAM: जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन का मंत्री बनना लगभग तय है।
  3. RLM: उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश या पत्नी स्नेहलता कुशवाहा में से एक को शामिल किया जा सकता है।

शपथ ग्रहण समारोह..
बड़ी हस्तियां होंगी मौजूद, पटना के गांधी मैदान में होने वाले इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, JP नड्डा, नीतीश कुमार समेत कई केंद्रीय मंत्री और NDA के शीर्ष नेता शामिल होंगे। BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि तैयारियां जोरों पर हैं। यह समारोह बिहार की राजनीति में नई शुरुआत का प्रतीक होगा। सम्राट चौधरी सरकार विकास, सुशासन और सामाजिक न्याय के एजेंडे को और मजबूती से आगे बढ़ाएगी।

नीतीश युग से सम्राट युग तक..
2025 के चुनाव के बाद नीतीश कुमार ने सरकार बनाई, लेकिन राज्यसभा जाने के बाद कमान सम्राट चौधरी को सौंपी गई। सम्राट चौधरी, जो कुशवाहा समुदाय से आते हैं, ने OBC-EBC और युवा वोट बैंक को मजबूत किया है। मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना चुनौती है। BJP पुराने चेहरों के अनुभव और नए चेहरों की ऊर्जा का मिश्रण कर रही है। JDU भी अपनी पारंपरिक base को संभालते हुए युवा नेताओं को जगह दे रही है। चिराग पासवान और मांझी जैसे सहयोगी भी अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित कर रहे हैं।

क्या होगा प्रभाव..
यह विस्तार बिहार की आगामी राजनीतिक लड़ाई के लिए अहम साबित होगा। 2025 चुनाव में NDA की जीत के बावजूद विपक्ष (RJD-Congress) लगातार हमलावर है। नई कैबिनेट में विकास कार्यों पर फोकस, खासकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे पर काम तेज करने की उम्मीद है। सम्राट चौधरी ने पहले ही अपने आधिकारिक आवास का नाम 'लोक सेवक आवास' रखकर संदेश दिया है कि सरकार जनता की सेवा में है। कैबिनेट विस्तार इसी भावना को मजबूत करेगा।

चुनौतियां और उम्मीदें..
मंत्रिमंडल विस्तार में कई दावेदार हैं, लेकिन सीटें सीमित हैं। कुछ वरिष्ठ नेताओं को निराशा भी हो सकती है। फिर भी, NDA गठबंधन की एकजुटता इस विस्तार से और मजबूत दिख रही है। विजय सिन्हा जैसे अनुभवी नेता की भूमिका विकास और प्रशासनिक सुधार में अहम होगी। नए चेहरों से युवा वर्ग में उत्साह बढ़ेगा।