Ram Mandir CEO : कौन हैं पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा? 39 साल तक वायुसेना में दी सेवाएं; अब राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO

Ram Mandir CEO : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को अयोध्या राम मंदिर का पहला CEO बनाया है।

Ram Mandir CEO : कौन हैं पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा? 39 साल तक वायुसेना में दी सेवाएं; अब राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO

Ram Mandir CEO : अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या राम मंदिर के लिए पहली बार चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर यानी CEO नियुक्त किया है। ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (Jeetendra Mishra) को यह जिम्मेदारी सौंपी है। बुधवार को हुई ट्रस्ट की बैठक में उनके नाम पर फैसला लिया गया। लंबे सैन्य अनुभव और प्रशासनिक क्षमता वाले जितेंद्र मिश्रा अब राम मंदिर से जुड़े प्रबंधन और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे।

ऑपरेशन सिंदूर में निभाई अहम भूमिका

जितेंद्र मिश्रा मूल रूप से देवरिया के रहने वाले हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व किया था। इस मिशन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। सैन्य सेवा के दौरान उनके योगदान के लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया। उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें मंदिर ट्रस्ट में अहम जिम्मेदारी दी गई है।

करीब 39 साल का सैन्य करियर

जितेंद्र मिश्रा ने 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन हासिल किया था। उनके पास करीब 39 वर्षों का सैन्य अनुभव है। वह 1 जनवरी 2025 को पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ बने थे। 30 अप्रैल 2026 को वह इस पद से सेवानिवृत्त हुए। उनके पास 3,000 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव भी है।

18 से ज्यादा तरह के विमान उड़ाए

सैन्य करियर में जितेंद्र मिश्रा फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट की भूमिका निभा चुके हैं। उन्होंने 18 से अधिक प्रकार के लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर उड़ाए हैं। 2013 में उन्हें विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था। विमान उड़ाने के अलावा उन्होंने रणनीतिक योजना और कमान प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी संभाली हैं।

तीन नए ट्रस्टी भी बनाए 

ट्रस्ट की बैठक में तीन नए ट्रस्टी के नामों का भी ऐलान किया गया। इनमें दिल्ली के कारोबारी महेश भागचंदका, अयोध्या के एडवोकेट मदन मोहन पांडेय और RSS से जुड़ीं शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं। निर्मला यादव ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य बनी हैं। नए सदस्यों की नियुक्ति के बाद ट्रस्ट में प्रबंधन और सामाजिक प्रतिनिधित्व को और विस्तार मिला है।

मदन मोहन पांडेय 

एडवोकेट मदन मोहन पांडेय राम जन्मभूमि-बाबरी विवाद मामले में रामलला की ओर से कानूनी पैरवी करने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि से जुड़े मामले की कानूनी प्रक्रिया में भूमिका निभाई। जनवरी 2024 में एक इंटरव्यू में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अपने 51 साल के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया था।

महेश भागचंदका 

महेश भागचंदका दिल्ली के कारोबारी हैं और विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल के रिश्तेदार बताए जाते हैं। वर्ष 2020 में राम मंदिर के भूमि पूजन के धार्मिक अनुष्ठानों में वह मुख्य यजमान रहे थे। 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान भी उन्होंने यजमान की भूमिका निभाई थी। वह अशोक सिंघल फाउंडेशन से जुड़े हैं और कई किताबें भी लिख चुके हैं।

पहली महिला ट्रस्टी निर्मला यादव

शिकोहाबाद की निर्मला यादव को ट्रस्ट में शामिल किया गया है। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी रही हैं। उनकी नियुक्ति के साथ ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में पहली महिला सदस्य शामिल हुई हैं। इसे ट्रस्ट के कामकाज में महिला प्रतिनिधित्व की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

चढ़ावे की चोरी के बाद संगठन में बदलाव

राम मंदिर में 7 जून को चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आया था। इस मामले में आठ आरोपी जेल में हैं। घटना के बाद 2 जुलाई को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दिया था। उनके इस्तीफे के बाद रिटायर्ड IFS अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया था। अब पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की CEO के रूप में नियुक्ति को मंदिर प्रशासन को और व्यवस्थित करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।