MP में नर्स भर्ती पर विवाद, हजारों पद खाली फिर भी सिर्फ 7 पदों पर निकली भर्ती

मध्यप्रदेश में हजारों नर्स पद खाली होने के बावजूद सिर्फ 7 पदों पर भर्ती निकाले जाने से विवाद बढ़ गया है।एनएसयूआई ने भर्ती में आरक्षित वर्ग के लिए पद नहीं होने पर सवाल उठाते हुए इसे युवाओं के साथ अन्याय बताया है।

MP में नर्स भर्ती पर विवाद, हजारों पद खाली फिर भी सिर्फ 7 पदों पर निकली भर्ती

भोपाल: मध्यप्रदेश में स्टाफ नर्स भर्ती को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में हजारों पद खाली होने के बावजूद हाल ही में जारी भर्ती में केवल 7 पदों के लिए वैकेंसी जारी किए जाने से नर्सिंग अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों में नाराजगी बढ़ गई है।छात्र संगठन एनएसयूआई ने इस भर्ती को स्वास्थ्य व्यवस्था और बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय बताते हुए सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं।

प्रदेश में नर्सों की भारी कमी

सरकारी ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में नर्सिंग स्टाफ की गंभीर कमी बनी हुई है। विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं।

खाली पदों का विवरण

जिला अस्पताल (DH) – 1,513 पद खाली
सिविल अस्पताल (CH) – 375 पद खाली
CHC, PHC और SHC – 1,283 पद खाली
मेडिकल कॉलेज – 2,416 पद खाली
आयुष विभाग – 135 पद खाली

इन आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 5,722 नर्सों के पद रिक्त बताए गए हैं।

कई अस्पतालों में मानकों से कम स्टाफ

ऑडिट रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कई सरकारी अस्पतालों में IPHS मानकों के मुकाबले 18 प्रतिशत से लेकर 75 प्रतिशत तक कम पद स्वीकृत हैं। वहीं जहां पद स्वीकृत हैं, वहां भी कई जगह नियुक्तियां नहीं की गई हैं।

मातृत्व और नवजात इकाइयों में भी कमी

जिला अस्पतालों की Special Newborn Care Units (SNCU) में भी नर्सों और नवजात शिशुओं का अनुपात तय मानकों से कम पाया गया है। इसके अलावा कई जिला अस्पतालों के मातृत्व विभागों में 1 प्रतिशत से 61 प्रतिशत तक स्टाफ की कमी दर्ज की गई है।

आरक्षित वर्ग के लिए पद नहीं

एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि जारी भर्ती में OBC, SC और ST वर्ग के लिए एक भी पद निर्धारित नहीं किया गया है, जो आरक्षण व्यवस्था और सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है।

NSUI की सरकार से तीन प्रमुख मांगें

1.प्रदेश में स्टाफ नर्स के खाली पदों की वास्तविक संख्या सार्वजनिक की जाए।
2.स्वास्थ्य संस्थानों में बड़े स्तर पर नियमित भर्ती निकाली जाए।
3.भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों का पूर्ण पालन किया जाए।

NSUI ने दी आंदोलन की चेतावनी

भोपाल एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि हजारों पद खाली होने के बावजूद सिर्फ 7 पदों पर भर्ती निकालना युवाओं के साथ मजाक है। संगठन ने नर्सिंग अभ्यर्थियों से इस भर्ती प्रक्रिया का लोकतांत्रिक तरीके से बहिष्कार करने की अपील की है।एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में बदलाव नहीं किया तो इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।