सम्राट कैबिनेट का विस्तार: नीतीश के बेटे निशांत समेत 32 मंत्रियों ने ली शपथ, PM मोदी रहे मौजूद
BJP से 15, JDU से 13, LJP(R)-2, HAM और RLM से एक-एक मंत्री हैं। पटना के गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह में अमित शाह, राजनाथ सिंह, नीतीश कुमार, नितिन नवीन मौजूद रहें।
बिहार की राजनीति में गुरुवार को बड़ा दिन रहा। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary के नेतृत्व वाली नई सरकार का कैबिनेट विस्तार हो गया है। यह विस्तार उनके मुख्यमंत्री बनने के 22 दिन बाद हुआ। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में कुल 32 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली।

दलों के बीच मंत्री पदों का बंटवारा
नई कैबिनेट में विभिन्न गठबंधन दलों के बीच संतुलन साधा गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 15 मंत्री पद मिले हैं, जबकि जनता दल (यूनाइटेड) यानी जेडीयू को 13 मंत्री पद दिए गए हैं। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 2 मंत्री पद मिले हैं, जबकि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को एक-एक मंत्री पद दिया गया है। एक ही चरण में 5-5 विधायकों के समूह में शपथ दिलाई गई।

निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री
इस मंत्रिमंडल विस्तार की सबसे बड़ी चर्चा का विषय पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar के पुत्र निशांत कुमार का पहली बार मंत्री बनना रहा। उन्होंने भी अन्य मंत्रियों के साथ शपथ ग्रहण की। निशांत कुमार के राजनीतिक प्रवेश को बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है।

शपथ से पहले निशांत कुमार ने अपने पिता नीतीश कुमार से आशीर्वाद लिया, जिसकी तस्वीरें भी सामने आईं। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी मौजूद रहे। राजनीतिक हलकों में इसे भावनात्मक और प्रतीकात्मक दोनों रूपों में देखा जा रहा है।
मंच पर दिखे मोदी-शाह-राजनाथ-नीतीश
समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री की मौजूदगी ने इस पूरे शपथ ग्रहण समारोह को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया, क्योंकि इसे बिहार की राजनीतिक दिशा और सत्ता संतुलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

वंदे मातरम की जगह सीधे राष्ट्रगान बजाया
कार्यक्रम के दौरान एक प्रोटोकॉल संबंधी पहलू भी चर्चा में रहा। बताया गया कि समारोह की शुरुआत सीधे राष्ट्रगान से हुई, जबकि नियमों के अनुसार पहले वंदे मातरम बजाया जाना चाहिए था। इस मुद्दे ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा को जन्म दिया।

इसके अलावा कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी और नीतीश कुमार के बीच मंच पर हुई मुलाकात भी सुर्खियों में रही। कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री ने नीतीश कुमार को अपने पास बुलाया। मंच पर उनसे हाथ मिलाया, इस दौरान नीतीश कुमार ने पीएम का कंधा पकड़कर हिला दिया।
राजनीतिक संकेत और आगे की दिशा
बहरहाल, बिहार के 32 मंत्रियों के एक साथ शपथ ग्रहण और विभिन्न दलों के बीच सीटों का संतुलन यह संकेत देता है कि बिहार की नई सरकार में गठबंधन राजनीति को मजबूत आधार दिया गया है। निशांत कुमार की एंट्री को भी भविष्य की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

Varsha Shrivastava 
