मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होना लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय- कांग्रेस

मिनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने के मामले में भोपाल में कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस, भाजपा पर षड्यंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का लगाया आरोप

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होना लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय- कांग्रेस

भोपाल। राजधानी में कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के निर्देश पर आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताते हुए संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

जिला कांग्रेस कमेटी के प्रभारी मनोज राजानी ने कहा कि लोकतंत्र की हत्या की गई है और न्याय की उम्मीद रखने वाली संस्थाओं से ही अन्याय मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग, आयकर विभाग, ईडी, पुलिस और न्यायालय जैसी संस्थाओं पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। राजानी ने कहा कि इस घटनाक्रम का असर आगामी नगर निगम और पंचायत चुनावों में भी देखने को मिल सकता है और भविष्य में भी संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किए जाने की आशंका है।

भाजपा पर षड्यंत्र रचने का आरोप

मनोज राजानी ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन एक साफ-सुथरी और गांधीवादी छवि की नेता हैं, लेकिन भाजपा नेताओं ने मध्य प्रदेश कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने के लिए षड्यंत्र रचा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी मंत्री पर मुकदमे लंबित हों और उसकी जानकारी सार्वजनिक न की गई हो तो क्या उसके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या भाजपा और कांग्रेस के लिए अलग-अलग कानून लागू हैं।

वहीं, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि यदि राज्यसभा चुनाव ईवीएम के माध्यम से होते तो मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द नहीं होता। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के 62 विधायकों की एकजुटता से भाजपा घबरा गई है। शर्मा ने कहा कि अब कांग्रेस जनता के बीच जाकर इस मुद्दे को उठाएगी और सड़क से लेकर सदन तक मजबूती के साथ संघर्ष करेगी। उन्होंने दतिया विधायक की सदस्यता समाप्त किए जाने के पुराने मामले का उल्लेख करते हुए भी कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।