Exclusive MP नगर बना डस्ट जोन, खुदी सड़कों पर नहीं हुआ रेस्टोरेशन ,नगर निगम की लापरवाही उजागर

एमपी नगर जोन-1 और 2 में सीवेज कार्य के बाद सड़कों का रेस्टोरेशन नहीं होने से पूरा इलाका डस्ट जोन बन गया है।धूल, गड्ढों और खराब सड़कों से ट्रैफिक और लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है, शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।

Exclusive MP नगर बना डस्ट जोन, खुदी सड़कों पर नहीं हुआ रेस्टोरेशन ,नगर निगम की लापरवाही उजागर

भोपाल: शहर का सबसे व्यस्त और कमर्शियल इलाका एमपी नगर इन दिनों डस्ट जोन में तब्दील हो गया है। एमपी नगर जोन-1 और जोन-2 में सड़कों की हालत बद से बदतर हो चुकी है। हर तरफ धूल, गड्ढे और अव्यवस्था का आलम देखने को मिल रहा है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 सीवेज लाइन के बाद सड़कें अधूरी छोड़ दी गई

करीब तीन महीने पहले सीवेज लाइन डालने के लिए सड़कों को बीच से खोदा गया था। लेकिन पाइपलाइन बिछाने के बाद गड्ढों को केवल मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया। अब तक इन सड़कों का रेस्टोरेशन नहीं किया गया है, जिससे हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

धूल के गुबार से बढ़ी परेशानी, ट्रैफिक भी प्रभावित

दिनभर भारी वाहनों की आवाजाही के चलते सड़कों पर धूल के गुबार उड़ रहे हैं। इससे न सिर्फ वाहन चालकों को दिक्कत हो रही है, बल्कि स्थानीय दुकानदारों और रहवासियों का भी जीना दूभर हो गया है। गड्ढों और धूल के कारण ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है और हादसों का खतरा बढ़ गया है।

स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा

लगातार उड़ती धूल के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर बनती जा रही है।

शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम की लापरवाही के चलते हालात बिगड़ते जा रहे हैं। रहवासियों और दुकानदारों ने नगर निगम और सीएम हेल्पलाइन पर कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। आपको बता दे कि अमृत 2.0 योजना के तहत सीवरेज कार्य के बाद 21 दिनों के भीतर सड़कों का रेस्टोरेशन अनिवार्य है, लेकिन एमपी नगर में तीन महीने बाद भी सड़कें खुदी पड़ी हैं, जो नियमों की खुली अनदेखी है।

स्थानीय लोगों ने पब्लिक वाणी को बताया........ 

प्रदीप ठाकुर ने बताया कि जब से सड़क की खुदाई हुई है तब से बहुत परेशान है. पूरा एमपी नगर खुदा हुआ है, कई बार नगर निगम ,सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की है।लेकिन नगर निगम के द्वारा यह कहा गया है कि आप पता करो किस एजेंसी ने यह काम किया हैं।

ऑटो चालक मोहम्मद आसिफ ने बताया कि जगह जगह सड़क खुदी हुई पड़ी हैं.हमारे छ: महीने में वाहन के टाॅयर बदलने पड़ते है.जल्द ही इन गड्ढों को व्यवस्थित रिपेयर करना चाहिए।


व्यापारी बृजेश बताते है कि ज्यादा धूल उड़ने से हमें सांस लेने में समस्या आने लग गई है,कोई अधिकारी यहां देखने नहीं आता है.कोई सुनने को तैयार नहीं है। एमपी नगर से टैक्स पूरा जाता है उसके बाद भी यह हाल है। 

स्थानीय व्यापारी मुकेश लोधी ने बताया कि इन गड्ढों की वजह से एक्सीडेंट भी हो रहे हैं। पूरे एमपी नगर में खुदाई करके ऐसे गड्ढे ही गड्ढे छोड़ कर चले गए हैं।हमने नगर निगम में शिकायत भी की कोई कार्रवाई नहीं होती है।

स्थानीय निवासी कौशल ने बताया कि तीन महीने हो गया है जब से यह सड़क खुदी है तब से धूल उड़ रही है हम लोग बहुत परेशान हैं।हमारी शिकायतों की कोई सुनवाई नहीं होती है।

लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि विकास कार्यों की आड़ में शहर की सड़कों को बर्बाद कर दिया गया है।अब देखना यह है कि नगर निगम कब तक जिम्मेदारी से बचता रहेगा या फिर जनता की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए सड़कों की मरम्मत कर राहत देगा।