इंदौर। जिले में चल रहे भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के तहत एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन के साथ-साथ आम जनता को भी हैरान कर दिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की रेस्क्यू टीम ने सराफा क्षेत्र से एक भिक्षुक को रेस्क्यू किया, जो बाहर से असहाय और विकलांग दिखाई देता था, लेकिन जांच में उसकी करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ।
लकड़ी की गाड़ी, फटे कपड़े और करोड़ों की संपत्ति
रेस्क्यू किए गए भिक्षुक का नाम मांगीलाल बताया गया है, जो बाढ़ गंगा कुशवाहा नगर के पास स्थित अलवास आश्रम में रहता था। मांगीलाल शारीरिक रूप से विकलांग है और इसी कारण शासन द्वारा रेड क्रॉस सोसायटी की सहायता से उसे अलवास क्षेत्र में 1 बीएचके मकान भी आवंटित किया गया था। इसके बावजूद वह लगातार भिक्षावृत्ति करता पाया गया।
मांगीलाल सराफा क्षेत्र में काफी प्रसिद्ध है। वह लकड़ी की फिसलने वाली गाड़ी का उपयोग करता है, पीठ पर बैग लटकाए और हाथों में जूते के सहारे गाड़ी को घसीटते हुए लोगों के बीच पहुंचता है। उसकी यह स्थिति देखकर लोग भावुक हो जाते हैं और स्वयं ही उसे भिक्षा के रूप में पैसे दे देते हैं। मांगीलाल का कहना है कि वह किसी से जबरदस्ती भीख नहीं मांगता, बल्कि लोग स्वेच्छा से उसे पैसे देते हैं।
भीख मांगने वाला निकला तीन मंजिला मकान का मालिक
जब रेस्क्यू टीम ने उससे पूछताछ की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। मांगीलाल के पास कुल तीन पक्के मकान हैं। भगत सिंह नगर में उसका 16×45 फीट का तीन मंजिला मकान है, शिवनगर में 600 वर्ग फीट में बना दूसरा पक्का मकान है, जबकि तीसरा 10×20 फीट का 1 बीएचके मकान अलवास क्षेत्र में स्थित है। इसके अलावा उसके पास तीन ऑटो रिक्शा हैं, जिन्हें वह किराए पर चलवाता है। इन ऑटो के रजिस्ट्रेशन नंबर MP09R0276, MP09R8461 और MP09AN3552 बताए गए हैं। इतना ही नहीं, उसके पास एक डिजायर फोर व्हीलर कार (MP09CU7438) भी है, जिसे वह स्वयं इस्तेमाल न करके किराए पर देता है।

जांच में यह भी सामने आया कि मांगीलाल सराफा क्षेत्र में कई लोगों को ब्याज पर पैसा देता है और प्रतिदिन ब्याज वसूली के लिए वहीं जाता है। उसका दावा है कि ब्याज की राशि के अलावा उसे रोजाना 400 से 500 रुपये तक भिक्षा के रूप में मिल जाते हैं।
रेस्क्यू दल के नोडल अधिकारी दिनेश मिश्रा ने बताया कि सराफा क्षेत्र से मांगीलाल के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर भिक्षावृत्ति मुक्त अभियान के तहत उसे रेस्क्यू किया गया है और आगे की कार्रवाई शासन के निर्देशानुसार की जाएगी। वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और जो भी व्यक्ति भिक्षावृत्ति करेगा या उसे बढ़ावा देगा, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।