बालाघाट: CM ने किया ₹100 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण, 60 जवानों को मिला आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन

वीरता का सम्मान और विकास का संकल्प: 60 जवानों को आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन, ₹100 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण

बालाघाट: CM ने किया ₹100 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण, 60 जवानों को मिला आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन
Balaghat CM Mohan Yadav,

बालाघाट। जिले में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में “मध्यप्रदेश पुलिस क्रम-से-पूर्व पदोन्नति अलंकरण समारोह” भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नक्सल विरोधी अभियानों में अदम्य साहस का परिचय देने वाले 60 जांबाज पुलिस और हॉक फोर्स जवानों को आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही जिले में ₹100 करोड़ 90 लाख की लागत से 27 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर क्षेत्र के विकास को नई गति दी।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा नवनिर्मित ‘अमर जवान ज्योति’ शहीद स्मारक के उद्घाटन से हुई। उन्होंने पुष्पचक्र अर्पित कर नक्सल मुठभेड़ों में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि “अमर जवान ज्योति अब केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगी, बालाघाट भी वीरता और बलिदान का राष्ट्रीय प्रतीक बनेगा।” उन्होंने शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि प्रदेश की शांति और सुरक्षा में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नक्सल विरोधी अभियान पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी किया। साथ ही बालाघाट जिले के पुलिस थानों और प्रतिष्ठानों को ISO प्रमाण-पत्र प्रदान कर पुलिस विभाग को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने “नक्सल मुक्त मध्यप्रदेश” के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में नक्सलवाद को “कैंसर” बताते हुए कहा कि हमारे वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति देकर असंभव को संभव कर दिखाया है। उन्होंने गर्व के साथ कहा, “आज हम कह सकते हैं कि मध्यप्रदेश की धरती पर अब कोई भी नक्सली नहीं बचा है। यह सफलता हमारे जवानों के अदम्य साहस, पराक्रम और समर्पण का परिणाम है।” मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के संकल्प को दोहराया।

सीएम बोले- पहली बार बालाघाट में होगी कैबिनेट

सीएम ने यह भी घोषणा की कि नक्सल समस्या के समाप्त होने के बाद पहली बार बालाघाट में राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की जाएगी। कृषि कल्याण वर्ष के अंतर्गत बालाघाट में “कृषि कैबिनेट” आयोजित करने की भी घोषणा की गई, जिससे जिले के कृषि विकास को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में नक्सलवाद दोबारा पनपने न पाए, इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंधन किए जा रहे हैं।

आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन पाने वाले 60 जवानों ने 14 जून 2025 को रूपझर थाना क्षेत्र के पचामादादर–कटेझिरिया पहाड़ी जंगल में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस अभियान में हॉक फोर्स के जवानों ने प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के मलाजखंड दलम के पांच कुख्यात नक्सलियों को मार गिराया था। मुख्यमंत्री ने इन जवानों को बैच लगाकर सम्मानित किया और उनके साहस की सराहना की।

कार्यक्रम में यह भी घोषणा की गई कि नक्सली घटनाओं में शहीद हुए आम नागरिकों के 14 परिवारों में से 10 परिवारों के एक-एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाएगी। इसके साथ ही बैगा महोत्सव में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली आदिवासी टीमों और नक्सल विरोधी अभियान में बेहतर कार्य करने वाले सीआरपीएफ को भी सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में एकल सुविधा केंद्रों के माध्यम से विद्यालयों के नवीनीकरण जैसे कार्यों की भी प्रशंसा की। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने हॉक फोर्स और पुलिस जवानों के साथ भोजन किया और कहा, आपकी सेवा, साहस और समर्पण पर प्रदेशवासियों को गर्व है।