साइबर क्राइम रोकने में नाकाम सरकार, उमंग सिंघार ने बताई बड़ी खामियां
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मप्र में बढ़ते साइबर अपराध को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
भोपाल:मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराध को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश साइबर अपराधियों का “स्वर्ग” बनता जा रहा है, जहां रोजाना फर्जी कॉल, मैसेज और डिजिटल अरेस्ट जैसे नए तरीकों से लोगों को ठगा जा रहा है। उनका आरोप है कि सरकार न तो अपराधियों को पकड़ पा रही है और न ही सजा दिलाने में सफल हो रही है।
साइबर ठगी के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि 1 मई 2021 से 13 जुलाई 2025 के बीच राज्य में 1054 करोड़ रुपए की साइबर ठगी हुई। यानी हर साल औसतन करीब 263.5 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ठगी गई राशि में से केवल करीब 1.94 करोड़ रुपए ही वापस मिल सके हैं, जो कुल राशि का बेहद छोटा हिस्सा है।
आख़िर क्यों साइबर अपराधियों के लिए स्वर्ग है मध्य प्रदेश ?
— Umang Singhar (@UmangSinghar) March 21, 2026
मध्य प्रदेश में साइबर फ्रॉड अपने चरम पर है। हर रोज़ सैकड़ों लोग फ़र्ज़ी कॉल, मैसेज, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगे जा रहे हैं और हमारी सरकार ना तो उन्हें पकड़ पा रही है ना सज़ा दिला पा रही है।
1 मई 2021 से 13 जुलाई 2025 के… pic.twitter.com/K2wWrSPLkt
सिस्टम की कमजोरी और संसाधनों की कमी का आरोप
सिंघार ने कहा कि प्रदेश में मजबूत साइबर फॉरेंसिक व्यवस्था और पर्याप्त पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है। करीब 8 करोड़ की आबादी वाले राज्य में साइबर अपराध से निपटने के लिए संसाधन बेहद सीमित हैं, जिससे अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं।
दोष सिद्धि दर बेहद कम, अन्य राज्यों से पीछे मप्र
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की 2023 रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि 2021 से 2023 के बीच 2100 साइबर अपराध दर्ज हुए, लेकिन केवल 191 मामलों में सजा हो सकी। यानी दोष सिद्धि दर करीब 9 प्रतिशत ही रही। सिंघार ने कहा कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, बिहार और केरल जैसे राज्यों में साइबर क्राइम थानों की संख्या ज्यादा है, जबकि मध्यप्रदेश इस मामले में पीछे है।
sanjay patidar 
