सांसदों और विधायकों से व्यवहार के लिए केंद्र सरकार ने जारी किए सख्त निर्देश, अधिकारियों को दी गई चेतावनी
नई दिल्ली में Department of Personnel and Training (DoPT) ने प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच व्यवहार को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 04 मई 2026 को जारी इस आदेश में अधिकारियों को सांसदों और विधायकों के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार करने के निर्देश दिए गए हैं।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों (सांसद एवं विधायक) के बीच आधिकारिक व्यवहार को लेकर नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 04 मई 2026 को जारी इस ताजा कार्यालय ज्ञापन (OM) के जरिए सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रोटोकॉल के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्यों जरूरी हुआ यह आदेश:
DoPT को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कई प्रशासनिक अधिकारी सांसदों और विधायकों के साथ व्यवहार में उचित प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे हैं। इसी के मद्देनजर विभाग ने 12 जनवरी 2026 को जारी अपने पुराने आदेशों को दोहराते हुए सभी मंत्रालयों और राज्यों के मुख्य सचिवों को इसे सख्ती से लागू करने को कहा है।

दिशानिर्देशों की मुख्य बातें:
अधिकारियों के लिए क्या हैं नियम, संवेदनशीलता और सम्मान, प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जनता के अधिकृत प्रतिनिधियों (सांसदों और विधायकों) के साथ बातचीत और पत्राचार में शिष्टाचार और सम्मान बनाए रखें।
पत्रों का त्वरित निपटान (Time-bound Action):
जनप्रतिनिधियों से प्राप्त पत्रों का जवाब देने के लिए 'केंद्रीय सचिवालय कार्यालय प्रक्रिया नियमावली' के तहत समय-सीमा तय की गई है। पत्रों की प्राप्ति की सूचना तुरंत देनी होगी और मामले का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर करना होगा।
मुलाकात के लिए समय:
यदि कोई सांसद या विधायक अधिकारी से मिलने का समय मांगता है, तो अधिकारी को उसे प्राथमिकता देनी होगी। यदि अधिकारी व्यस्त है, तो उसे स्वयं जनप्रतिनिधि को सूचित कर वैकल्पिक समय देना होगा।
राज्य और जिला स्तर पर कड़ाई: केंद्र ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से आग्रह किया है कि इन निर्देशों को केवल राजधानी तक सीमित न रखें, बल्कि जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों तक भी पहुँचाएँ और उनका अनुपालन सुनिश्चित करें।
सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी और निगरानी:
यह आदेश सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से जारी किया गया है। विभाग ने सभी मंत्रालयों से कहा है कि वे इस संबंध में उठाए गए कदमों और प्रसारित किए गए निर्देशों की एक प्रति DoPT को भी भेजें। इसकी निगरानी सीधे केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी।

महत्वपूर्ण सूचनाएं एक नजर में:
विभाग: कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय (DoPT)।
दिनांक: 04 मई, 2026।
फाइल संख्या: 11013/16/2025-Estt.A-II।
प्रसारण: सभी मंत्रालयों, विभागों, राष्ट्रपति सचिवालय, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), और सभी राज्य सरकारों को प्रति भेजी गई है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल:
विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में जारी यह निर्देश आगामी चुनावों और प्रशासनिक सुधारों के लिहाज से बेहद अहम हैं। सरकार चाहती है कि जनता की समस्याओं को लेकर आने वाले प्रतिनिधियों की बात को अधिकारी गंभीरता से सुनें और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।

