गुना हवालाकांड मामले में CM का बड़ा एक्शन: SP अंकित सोनी को हटाया, सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी पर भी गिरी गाज
हितिका वसल को अंकित सोनी की जगह गुना का नया एसपी बनाया। विकास मिश्रा को स्वरोचिष सोमवंशी की जगह सीधी का नया कलेक्टर बनाया।
मध्य प्रदेश में प्रशासनिक सख्ती का बड़ा उदाहरण सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को अचानक लिए गए फैसलों से पूरे प्रशासनिक तंत्र में हलचल मचा दी। सीएम ने सीधी जिले के आकस्मिक दौरे के बाद वहां के कलेक्टर को हटाने के निर्देश दिए, वहीं गुना में सामने आए कथित हवालाकांड के बाद एसपी पर भी कार्रवाई की गई। इस दोहरी कार्रवाई से साफ संकेत मिला है कि राज्य सरकार अब जवाबदेही के मुद्दे पर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है।
आकस्मिक दौरे के बाद सीधी में बड़ी कार्रवाई
रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मिर्जापुर से सीधे सीधी पहुंचे। यह दौरा पूरी तरह आकस्मिक था, जिससे स्थानीय प्रशासन को पूर्व तैयारी का मौका नहीं मिला। जिला मुख्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रशासनिक कामकाज को लेकर शिकायतें दर्ज कराईं।


शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को हटाने के निर्देश दिए। उन्हें आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में ओएसडी और सह आयुक्त के पद पर भेजा गया है। उनकी जगह 2013 बैच के आईएएस अधिकारी विकास मिश्रा को नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। यह फैसला मौके पर मिली फीडबैक के आधार पर लिया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार जमीनी स्तर पर मिल रही शिकायतों को गंभीरता से ले रही है।


जनता की शिकायतें बनी कार्रवाई की वजह
मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें सीधी दौरे के दौरान अलग-अलग प्रकार की शिकायतें मिलीं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अधिकारियों की जवाबदेही उनकी नियुक्ति के साथ ही तय हो जाती है। यदि मैदानी स्तर पर कार्य करते समय लगातार शिकायतें मिलती हैं, तो ऐसे अधिकारियों को हटाकर अन्य जिम्मेदारी देना ही उचित होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अब सीधे जनता से संवाद कर समस्याओं का समाधान करने की दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम में सर्किट हाउस में लोगों से बातचीत के दौरान कई समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए गए।
गुना हवालाकांड में एसपी पर गिरी गाज
इसी के साथ मुख्यमंत्री ने गुना जिले में सामने आए कथित हवालाकांड को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। इस मामले में तत्कालीन एसपी अंकित सोनी को पद से हटा दिया गया है। उन्हें पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) के पद पर स्थानांतरित किया गया है।


उनकी जगह इंदौर की 15वीं बटालियन की कमांडेंट हितिका वसल को नया एसपी नियुक्त किया गया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे थे। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


1 करोड़ की बरामदगी और रिश्वत के आरोप
गुना में यह मामला तब सामने आया जब पुलिस ने गुजरात के एक कारोबारी की कार से करीब 1 करोड़ रुपये नकद बरामद किए थे। आरोप है कि पुलिस ने 20 लाख रुपये लेकर कारोबारी को छोड़ दिया। मामला तब और गंभीर हो गया जब गुजरात के एक आईपीएस अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद कथित रूप से ली गई राशि वापस की गई।
इस घटनाक्रम ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मामले की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच शुरू की और प्रारंभिक जांच में थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके बाद उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कार्रवाई का दायरा भी विस्तृत होता गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने एसपी स्तर तक कार्रवाई करने का निर्णय लिया। यह कदम इस बात का संकेत है कि सरकार भ्रष्टाचार या कर्तव्य में लापरवाही को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
अन्य अधिकारियों पर भी गिरी गाज
सीधी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पी.एस. धनवाल को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। इससे यह स्पष्ट हो गया कि कार्रवाई केवल उच्च अधिकारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर स्तर पर जवाबदेही तय की जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस आकस्मिक दौरे और उसके बाद की गई त्वरित कार्रवाई ने पूरे प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र को स्पष्ट संदेश दिया है कि अब लापरवाही या भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। सरकार का फोकस अब पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसुनवाई को मजबूत करने पर है।
इस पूरे घटनाक्रम से यह भी साफ होता है कि मध्य प्रदेश सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए सख्त कदम उठा रही है। आने वाले समय में भी इसी तरह की कार्रवाई देखने को मिल सकती है, जिससे शासन व्यवस्था में सुधार और जनता का विश्वास मजबूत हो सके।
Varsha Shrivastava 
