सिंगरौली: पुलिस को खुली चुनौती! कोतवाली से 200 मीटर दूर ट्रैफिक सिग्नलों की 23 सोलर बैटरियां चोरी
मध्य प्रदेश के सिंगरौली के बैढ़न इलाके में चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए ट्रैफिक सिग्नलों में लगी 23 सोलर बैटरियां चोरी कर लीं। हैरानी की बात यह है कि यह घटना बैढ़न कोतवाली से महज कुछ ही दूरी पर हुई है।
सिंगरौली (बैढ़न) | ऊर्जाधानी सिंगरौली में चोरों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब वे सरकारी संपत्ति को निशाना बनाने से भी नहीं कतरा रहे हैं। ताजा मामला बैढ़न कोतवाली क्षेत्र का है, जहाँ चोरों ने ट्रैफिक सिग्नलों को रोशन करने वाली 23 सोलर बैटरियां पार कर दी हैं। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि यह वारदात पुलिस थाने से महज कुछ ही कदमों की दूरी पर हुई है।
ऊंचाई भी नहीं रोक पाई चोरों के हाथ..
जानकारी के अनुसार, बैढ़न के व्यस्ततम माजन मोड़ चौराहा और पुराने यातायात चौराहे से ये बैटरियां चोरी हुई हैं। बताया जा रहा है कि ये बैटरियां पोल पर करीब 12 से 15 फीट की ऊंचाई पर लगी थीं। इतनी ऊंचाई से इतनी बड़ी संख्या में बैटरियां निकालना किसी एक व्यक्ति का काम नहीं हो सकता। माना जा रहा है कि यह एक पूरी तरह से सुनियोजित वारदात है, जिसे किसी शातिर गिरोह ने अंजाम दिया है।
पुलिस और नगर निगम के बीच समन्वय पर सवाल..
इस मामले में नगर निगम और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी उंगलियां उठ रही हैं.

दूरी का सवाल:
घटना स्थल बैढ़न कोतवाली से मात्र 200-300 मीटर की दूरी पर है। इतने संवेदनशील इलाके में, जहाँ पुलिस की गश्त का दावा किया जाता है, वहां ऐसी बड़ी चोरी होना पुलिस की कार्यक्षमता पर सवाल खड़ा करती है।
शिकायत पर देरी:
सूत्रों के मुताबिक, नगर निगम ने 24 अप्रैल को ही पुलिस को इस संबंध में सूचना दे दी थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने समय रहते इस पर कोई ठोस संज्ञान नहीं लिया।
CCTV का नाकाम होना:
शहर के मुख्य चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद अब तक चोरों का कोई सुराग नहीं मिल सका है। इससे निगरानी तंत्र की पोल खुलती नजर आ रही है।
अस्पताल के बाद अब सड़क पर भी असुरक्षा:
सिंगरौली में चोरी का यह पहला बड़ा मामला नहीं है। इससे पहले जिला चिकित्सालय परिसर से भी चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा में लगातार हो रही सेंधमारी से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है।
आम जनता की मांग:
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि जब शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले चौराहों पर सरकारी संपत्ति सुरक्षित नहीं है, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या होगा? लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इस मामले का जल्द खुलासा कर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

