वेनेजुएला पर अमेरिकी स्ट्राइक से भड़के रूस-चीन, बीजिंग ने बताया 'दादागिरी', रूस बोला- मादुरो को तुरंत रिहा करो

वेनेजुएला में हवाई हमलों के बाद दुनिया की दो महाशक्तियां अमेरिका के खिलाफ खुलकर सामने आ गई हैं. वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल ला दिया है. अमेरिकी कार्रवाई को चीन ने दादागिरी बताया है. जबकि रूस ने कहा है कि मादुरो को तुरंत रिहा किया जाए.

वेनेजुएला पर अमेरिकी स्ट्राइक से भड़के रूस-चीन, बीजिंग ने बताया 'दादागिरी', रूस बोला- मादुरो को तुरंत रिहा करो
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वेनेजुएला पर अमेरिकी एयरस्ट्राइक और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने पर रूस और चीन भड़क गए हैं. बीजिंग ने तो अमेरिका की इस कार्रवाई को खुले तौर पर दादागिरी करार दिया है. जबकि रूस ने अमेरिका से कहा है कि मादुरो और उनकी पत्नी को तुरंत रिहा करो. दोनों देशों ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी मिटिंब बुलाने की मांग का समर्थन किया है.

चीन के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन इस कार्रवाई से गहरी चिंता में है और किसी संप्रभु देश के राष्ट्रपति के खिलाफ बल प्रयोग का कड़ा विरोध करता है. चीनी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अमेरिका की यह कार्रवाई से गहरी चिंता में है और किसी संप्रभु देश के राष्ट्रपति के खिलाफ बल प्रयोग का कड़ा विरोध करता है.चीनी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अमेरिका की यह कार्रवाई ना सिर्फ वेनेजुएला की संप्रभुता का उल्लंघन है, बल्कि इससे पूरे लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है. चीन ने अमेरिका से मांग की है कि वो अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करे और अन्य देशों की सुरक्षा और संप्रभुता का उल्लंघन बंद करे.

रूस ने कहा- ये चिंताजनक और निंदनीय

रूस ने अमेरिका की इस कार्रवाई को सशस्त्र आक्रामकता करार दिया है. रूसी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिका वेनेजुएला पर सैन्य हमला किया है, जो बेहद चिंताजनक और निंदनीय है. मंत्रालय ने जोर देकर कि हमलों को सही ठहराने के लिए दिए जा रहे तर्क पूरी तरह निराधर. फिलहाल सबसे जरूरी है हालात को और बिगड़ने से रोकना और बातचीत के जरिए समाधान निकालना. रूस ने स्पष्ट किया कि लैटिन अमेरिका को 2014 में घोषित शांति क्षेत्र बना रहना चाहिए और वेनेजुएला की जनता के साथ एकजुटता जताते हुए अपने भविष्य का फैसला करने का पूरा अधिकार है. 

रूस ने वेनेजुएला की जनता के साथ एकजुटता जताते हुए वहां की बोलिवेरियन सरकार के राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के प्रयासों का समर्थन किया है.'संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तत्काल बैठक बुलाएं' रूसी विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला और अन्य लैटिन अमेरिकी देशों की उस मांग का भी समर्थन किया है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तत्काल बैठक बुलाने की अपील की गई है. रूस ने कहा कि कराकस में स्थित उसका दूतावास सामान्य रूप से काम कर रहा है और वेनेजुएला में मौजूद रूसी नागरिकों के संपर्क में है. फिलहाल, किसी रूसी नागरिक के घायल होने की कोई सूचना नहीं है.