खामेनेई के अंतिम संस्कार से पहले अमेरिका ने किया ईरान पर हमला
अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से पहले ईरान ने उनके क्षतिग्रस्त परिसर का वीडियो जारी किया। पहली बार सामने आए अंदरूनी मंजर ने दुनिया का ध्यान खींचा।
तेहरान: ईरान ने अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से ठीक पहले एक ऐसा वीडियो जारी किया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सरकारी मीडिया द्वारा जारी इस फुटेज में खामेनेई के तेहरान स्थित आधिकारिक परिसर के भीतर हुई भारी तबाही दिखाई गई है। यह पहली बार है जब हमले के बाद परिसर के अंदर का दृश्य सार्वजनिक किया गया है।
Iran : First images released of Khameneis destroyed residents.
— Kbar57 (@kbar57) July 8, 2026
The first images of a section of Khameneis residence complex following the bombing have been released . pic.twitter.com/MnBrEoDqGc
करीब 35 सेकंड लंबे इस वीडियो में कई इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई देती हैं। जगह-जगह मलबा फैला है, कंक्रीट की दीवारें टूट चुकी हैं और लोहे की संरचनाएं मुड़ी हुई नजर आती हैं। वीडियो में किसी तरह का संपादन या टिप्पणी नहीं है, बल्कि केवल हमले के बाद की वास्तविक स्थिति दिखाई गई है।
ईरान का कहना है कि यह वही परिसर है, जिसे अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य अभियान के दौरान निशाना बनाया गया था। अब तक इस स्थान की केवल सैटेलाइट तस्वीरें और सीमित बाहरी दृश्य सामने आए थे, लेकिन अंदरूनी नुकसान पहली बार दुनिया को दिखाया गया है।
वीडियो ऐसे समय जारी किया गया है, जब ईरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। राजधानी तेहरान से लेकर मशहद तक शोक सभाएं आयोजित की गईं और बड़ी संख्या में लोग अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था को भी असाधारण रूप से मजबूत रखा गया।
विश्लेषकों का मानना है कि इस वीडियो को सार्वजनिक करने का उद्देश्य केवल हमले से हुए नुकसान को दिखाना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह संदेश देना भी है कि ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व के केंद्र को किस स्तर तक निशाना बनाया गया था। ऐसे समय में जब क्षेत्र में तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, इस वीडियो ने एक बार फिर पश्चिम एशिया की स्थिति पर वैश्विक चर्चा तेज कर दी है।
हालांकि सोशल मीडिया पर हमले में इस्तेमाल किए गए हथियारों और मिसाइलों की संख्या को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन 35 मिसाइलें दागे जाने जैसे किसी भी दावे की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस संबंध में कोई निश्चित संख्या बताना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं माना जा सकता।
Anubhav Dubey 
