'कार्यक्रम में नहीं आईं तो लाड़ली बहनों का कटेगा नाम' मंत्री के बयान पर भड़का विपक्ष

मध्यप्रदेश राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के लाड़ली बहनों को लेकर विवादित बयान दिया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मंत्री पर तीखा हमला करते हुए इसे सत्ता का दुरुपयोग बताया।

'कार्यक्रम में नहीं आईं तो लाड़ली बहनों का कटेगा नाम' मंत्री के बयान पर भड़का विपक्ष

भोपाल: मध्य प्रदेश राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के लाड़ली बहनों को लेकर दिए गए बयान से विवाद खड़ा हो गया, सीहोर जिले की इछावर विधानसभा के धामांदा गांव में दिया. उन्होंने आयोजन में न आने पर नाम कटने की बात कही।नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे सत्ता का दुरुपयोग बताते हुए भाजपा पर महिला विरोधी रवैये और बहनों के स्वाभिमान से खिलवाड़ का आरोप लगाया।उन्होंने वादे पूरे न होने और पहले के विवादित बयानों का जिक्र करते हुए सरकार के सुशासन पर सवाल उठाए।

राजस्व मंत्री ने दिया विवादित बयान

मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने लाडली बहना को लेकर एक विवादित बयान दे दिया है, जिससे राजनीतिक सरगर्मी बढ़ना तय है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे की गूंज दूर तक सुनाई दे सकती है. सीहोर जिले की इछावर विधानसभा के धामांदा गांव में आयोजित एक शासकीय आयोजन में करण सिंह वर्मा ने लाडली बहन योजना के फायदे गिनाते हुए कहा की सरकारी आयोजन में अगर लाडली बहन नहीं आई, तो नाम कट जाएगा.

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राजस्व मंत्री पर साधा निशाना

उमंग सिंघार ने अपनी एक्स पोस्ट लिखा , लाड़ली बहनों के स्वाभिमान पर चोट करना अब भाजपा नेताओं की कार्यशैली बनती जा रही है।मंत्री करण वर्मा द्वारा लाड़ली बहनों को मंच पर बुलाने की बात कहना और न आने पर “नाम काटने” जैसी धमकी देना केवल एक गैर-जिम्मेदार बयान नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग और महिला-विरोधी मानसिकता का खुला प्रमाण है।पहले सरकार ने ₹3000 देने के बड़े-बड़े वादे किए,फिर राशि ₹1500 पर अटक गई, और आज जब बहनें अपना हक़ मांग रही हैं तो उन्हें धमकियाँ दी जा रही हैं। क्या यही भाजपा शासन में महिला सम्मान है?भाजपा के तथाकथित सुशासन की असल तस्वीर उसके मंत्री स्वयं अपने बयानों से सामने ला रहे हैं। यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी भाजपा मंत्री विजय शाह द्वारा प्रदेश की लाड़ली बहनों और देश की बेटी कर्नल सोफिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गईं, लेकिन ‘संस्कारों’ की दुहाई देने वाली पार्टी ने तब भी चुप्पी साध ली।