MP: PHQ भोपाल में DG-IG कांफ्रेंस, कानून व्यवस्था और पुलिसिंग पर CM मोहन यादव ने किया संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित डीजी–आईजी कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए। इस दौरान कानून व्यवस्था-पुलिसिंग पर संवाद के साथ ही नवाचारों-पुलिसिंग में बदलाव पर प्रजेंटेशन दी गई।
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को भोपाल पुलिस मुख्यालय (PHQ) में आयोजित डीजी–आईजी कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए। इस राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की कानून व्यवस्था, पुलिसिंग में हो रहे नवाचारों और भविष्य की रणनीतियों पर गहन मंथन किया गया। मुख्यमंत्री वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ सीधे संवाद कर जमीनी स्तर पर लागू की जा रही व्यवस्थाओं और उनके परिणामों की समीक्षा की। सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देश पर बैठक का आयोजन किया गया है। एमपी वो राज्य है जो तेज गति से वो सारे सुधार कर रहा है, जो केंद्र सरकार ने कहे हैं।
मोबाइल फॉरेंसिक लैब को दिखाई हरी झंडी
18 दिसंबर गुरुवार को मुख्यमंत्री ने फॉरेंसिक लैब का शुभारंभ किया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने PHQ में 14 फॉरेंसिक लैब वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पहले मुख्यमंत्री का गार्ड ऑफ ऑनर से स्वागत हुआ। इस दौरान अधिकारीगण मौजूद रहे।

इस दौरान सीएम ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में हुई डीजी कॉन्फ्रेंस में हुए निर्णय को लेकर चर्चा हुई है। मध्य प्रदेश कई सारे सुधर करने के साथ भविष्य को लेकर कई सारे काम किया जा रहे हैं। एमपी में तकनीक को बढ़ाया जा रहा है, साइंटिफिक लैब भी तैयार की जा रही है। साथ ही FSL के वाहन तैयार किए गए, जिससे जांच में आसानी होगी।
सीएम यादव ने कहा- नक्सलवाद खत्म हुआ है, इसमें प्रदेश के जवानों ने योगदान दिया। एमपी पुलिस ने 11 दिसंबर को लाल सलाम को आखिरी सलाम कर दिया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस भर्ती को लेकर बोर्ड को निर्देष दिए गए हैं, जल्द ही भर्ती होगी।। एडीजी रैंक के अधिकारियों को मॉनिटरिंग के लिए संभाग का प्रभारी बनाया था। कई अधिकारी रिटायर हुए हैं, जिस पर सीएम ने कहा- ये व्यवस्थाओं का विषय है, इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में भारत आज एक नए और निर्णायक इतिहास की ओर अग्रसर है। जो नक्सलवाद कभी देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जाता था, वह अब अपने अंतिम चरण में है।
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) December 18, 2025
मध्यप्रदेश में हमारे वीर पुलिस जवानों ने अदम्य साहस और सर्वोच्च… pic.twitter.com/t0x8ZgV1QV
कानून व्यवस्था और पुलिसिंग पर संवाद
PHQ में 18 दिसंबर को डीजी–आईजी कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें सीएम यादव भी शामिल हुए। ये स्टेट लेवल कॉन्फ्रेंस डिसेमिनेशन ऑफ आउटकम्स विषय पर आयोजित हुई। जिसमें मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून व्यवस्था, पुलिसिंग में किए जा रहे नवाचारों सहित भविष्य की रणनीतियों को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ संवाद किया। वहीं, कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिसिंग में बदलाव, रिसर्च और नवाचारों किए जा रहें हैं उनकी जानकारी प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी गई। DG-IG कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की कानून व्यवस्था को मजबूत करने, क्राइम कंट्रोल करने, सोशल पुलिसिंग के साथ ही बेहतर सुशासन के लिए फील्ड स्तर पर अपनाए जा रहे और प्रस्तावित उपायों पर फोकस रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने बताई सरकार की प्राथमिकताएं
इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार की प्राथमिकताओं से अवगत कराया। बालाघाट, डिंडोरी और मंडला जिलों में नक्सलवाद के खात्मे के बाद वहां के हालात, लोगों की बदली हुई जीवनशैली और आगे की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया। सरकार की मंशा है कि नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा को और मजबूत किया जाए।
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट करने, थानों में आने वाले आम नागरिकों की शिकायतों को संवेदनशीलता और सह्रदयता से सुनने तथा त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में डीजीपी कैलाश मकवाणा सहित सभी डीजी, एडीजी और आईजी स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह कॉन्फ्रेंस प्रदेश में प्रभावी पुलिसिंग और मजबूत कानून व्यवस्था की दिशा में अहम मानी जा रही है।
Varsha Shrivastava 
