MP कांग्रेस का किसानों के समर्थन में बड़ा आंदोलन, NH-52 पर 7 जगहों पर आज चक्का जाम
मध्य प्रदेश कांग्रेस का किसानों की समस्याओं को लेकर बड़ा आंदोलन। पार्टी आगरा-मुंबई NH 52 पर चक्काजाम करेगी। यह चक्काजाम 7 अलग-अलग स्थानों पर किया जाएगा।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। कांग्रेस आज 7 मई 2026 को मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-52) पर बड़े स्तर पर चक्का जाम करेगी। पार्टी का कहना है कि किसानों को गेहूं खरीदी, समर्थन मूल्य, धान, खाद और कृषि उपकरणों से जुड़े मुद्दों पर लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार किसानों से किए गए वादे पूरे नहीं कर रही और इसी के विरोध में यह आंदोलन किया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार ने किसानों से गेहूं खरीदी 2700 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर करने का वादा किया था, लेकिन वास्तविक खरीदी 2625 रुपए प्रति क्विंटल पर की जा रही है। इससे किसानों को सीधे आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रदेश में कुल उत्पादन के मुकाबले सीमित मात्रा में ही खरीदी कर रही है, जिसके कारण बड़ी मात्रा में गेहूं किसानों के पास बचा हुआ है और उन्हें उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं।
इन जगहों पर होगा चक्का जाम
आंदोलन के लिए कांग्रेस ने प्रदेश में सात बड़े केंद्र तय किए हैं। अलग-अलग जिलों के किसान और कार्यकर्ता इन स्थानों पर जुटेंगे।
- मुरैना — मुरैना, भिंड
- ग्वालियर — ग्वालियर, दतिया
- शिवपुरी — शिवपुरी, श्योपुर
- गुना — गुना, अशोकनगर
- शाजापुर — शाजापुर, देवास, राजगढ़, आगर मालवा, उज्जैन, सीहोर, विदिशा, रायसेन, भोपाल
- इंदौर — इंदौर
- खलघाट — धार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ
अलग-अलग जगहों पर पहुंचेंगे बड़े नेता
कांग्रेस ने आंदोलन के लिए वरिष्ठ नेताओं की ड्यूटी भी तय की है। कई बड़े नेता अलग-अलग जिलों में मौजूद रहेंगे।
- मुरैना में कमलेश्वर पटेल, डॉ. गोविंद सिंह और हेमंत कटारे मौजूद रहेंगे।
- ग्वालियर में राज्यसभा सांसद अशोक सिंह और संभाग के विधायक शामिल होंगे।
- शिवपुरी में के.पी. सिंह और यादवेन्द्र सिंह आंदोलन में शामिल रहेंगे।
- गुना में जयवर्धन सिंह मौजूद रहेंगे।
- शाजापुर में हरीश चौधरी, जीतू पटवारी और संजय दत्त शामिल होंगे।
- इंदौर में जीतू पटवारी और उषा नायडू मौजूद रहेंगी।
- खलघाट में उमंग सिंघार, रणविजय सिंह लोचव, बाला बच्चन और सचिन यादव आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।
एबी रोड पर महाजाम की तैयारी, ट्रैफिक डायवर्जन लागू
इंदौर में आंदोलन की शुरुआत सुबह 10:30 बजे पिगडंबर क्षेत्र से होगी। जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने कहा कि एबी रोड पर बड़े स्तर पर चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता इसमें शामिल होंगे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि किसानों में सरकार के खिलाफ नाराजगी है और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। इसी कारण किसानों का आंदोलन को व्यापक समर्थन मिल रहा है।
प्रदर्शन और चक्का जाम को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया है। यातायात पुलिस ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है ताकि जाम और असुविधा से बचा जा सके।
पुलिस के अनुसार, मानपुर, इंदौर और देवास की ओर आने-जाने वाले चारपहिया वाहनों को राऊ सर्कल, पीथमपुर, भंवरकुआ और विशालत चौराहा मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा। वहीं भारी वाहनों के लिए उज्जैन, बदनावर, लेबड़ और महेश्वर-कसरावद मार्ग तय किए गए हैं।
747 किलोमीटर क्षेत्र में असर, चावल बांटकर आंदोलन में आने की अपील
कांग्रेस का दावा है कि यह आंदोलन प्रदेश के करीब 747 किलोमीटर क्षेत्र में प्रभावी रहेगा। इसमें प्रदेश प्रभारी, सह-प्रभारी, सांसद, विधायक, जिला अध्यक्ष, कांग्रेस कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे। कई जिलों में कांग्रेस नेताओं ने किसानों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। कुछ स्थानों पर किसानों को पीले चावल बांटकर आंदोलन में आने की अपील भी की गई।
जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से किसानों के हित में तत्काल फैसला लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि खरीदी में देरी और कम कीमत के कारण किसानों को नुकसान हुआ है, इसलिए सरकार को तुरंत भावांतर योजना लागू करनी चाहिए।
पटवारी ने कहा कि जिस दिन सरकार किसानों के हित में फैसला लेगी, उस दिन वे स्वयं मुख्यमंत्री का नागरिक अभिनंदन करेंगे। साथ ही उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस किसानों के मुद्दों पर पीछे हटने वाली नहीं है और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।
कांग्रेस ने आंदोलन को बताया ‘किसान सत्याग्रह’
कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और इसे “किसान सत्याग्रह” के रूप में आयोजित किया जाएगा। पार्टी नेताओं के अनुसार आंदोलन का उद्देश्य आम जनता को परेशान करना नहीं, बल्कि सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचाना है।
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि यदि सरकार ने किसानों के हित में तत्काल फैसला नहीं लिया और गेहूं-धान के लिए भावांतर योजना लागू नहीं की, तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो पार्टी “सड़क सत्याग्रह” और “जेल सत्याग्रह” से भी पीछे नहीं हटेगी।
Varsha Shrivastava 
