MP CM डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की दिल्ली में मुलाकात

नई दिल्ली में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात। मध्यप्रदेश के विकास एजेंडे, सिंहस्थ 2028, शहरी विकास से लेकर यूनिफॉर्म सिविल कोड पर हुई चर्चा।

MP CM डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की दिल्ली में मुलाकात

नई दिल्ली/भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर राज्य के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। इन बैठकों में शहरी विकास, आधारभूत संरचना, कृषि, सिंचाई, धार्मिक पर्यटन और कानून व्यवस्था जैसे विषय प्रमुख रहे। सबसे ज्यादा फोकस उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों पर रहा।

शहरी विकास और स्मार्ट सिटी योजनाओं पर चर्चा

सीएम डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री Manohar Lal Khattar से मुलाकात कर शहरी विकास से जुड़ी योजनाओं पर विस्तार से बात की। बैठक में पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) और अर्बन चैलेंज फंड के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।

दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी और तेज कार्यान्वयन जरूरी है। साथ ही स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों के विकास मॉडल पर भी चर्चा हुई।

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर खास फोकस

उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ कुंभ 2028 को लेकर बैठक में विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन को विश्वस्तरीय स्वरूप देने के लिए अभी से तैयारी की जा रही है। शहर में सड़क, परिवहन, भीड़ प्रबंधन और आवास जैसी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। इसके साथ ही इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के विकास पर भी काम चल रहा है ताकि धार्मिक पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।

एयरपोर्ट और धार्मिक पर्यटन विकास पर जोर

नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ हुई बैठक में उज्जैन एयरपोर्ट परियोजना पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकाल लोक और उज्जैन में बढ़ते धार्मिक पर्यटन को देखते हुए बेहतर हवाई संपर्क बेहद जरूरी है।

उन्होंने केंद्र सरकार से एयरपोर्ट परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने का अनुरोध किया और भूमि-पूजन कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया। साथ ही एयर रूट्स के विस्तार और पर्यटन आधारित विकास मॉडल पर भी बात हुई।

गृह मंत्री से मुलाकात: नक्सल उन्मूलन और सुरक्षा पर चर्चा

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से भी मुलाकात की। इस दौरान मध्यप्रदेश में चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों पर विस्तार से चर्चा हुई। खासतौर पर बालाघाट और डिंडोरी क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई और विकास कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीक आधारित पुलिसिंग को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

कृषि, सिंचाई और ऊर्जा परियोजनाओं पर बातचीत

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील से मुलाकात कर कृषि और सिंचाई से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में गेहूं खरीदी, जल संरक्षण और सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति पर बात हुई। राज्य में इस वर्ष रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने खरीद लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया। साथ ही प्रधानमंत्री कुसुम योजना, सौर ऊर्जा और किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के प्रयासों पर भी चर्चा की गई।

इसके अलावा बेतवा–पार्वती–कालीसिंध लिंक परियोजना की प्रगति की समीक्षा भी की गई। यह परियोजना आने वाले समय में जल संकट को कम करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

मेट्रोपॉलिटन विकास मॉडल, यूनिफॉर्म सिविल कोड 

बैठकों में इंदौर-उज्जैन और भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों के विकास पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए एक व्यवस्थित विकास मॉडल जरूरी है। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में आधुनिक शहरी नियोजन, स्वच्छता मिशन और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में काम चल रहा है। इसका उद्देश्य शहरों को बेहतर जीवन स्तर के साथ विकसित करना है।

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में यूसीसी लागू करने की दिशा में प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए एक समिति गठित की गई है, जो सभी वर्गों और समाजों से सुझाव लेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सामाजिक समरसता और संवैधानिक प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ेगी।