लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित: आधी रात को राज्यसभा से पास हुआ VB-G RAM G बिल, शीतकालीन सत्र समाप्त

संसद में मनरेगा की जगह लाया गया VB जी राम जी बिल लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास हो गया है। उच्च सदन में देर रात तक चर्चा के बाद इसे मंजूरी दी गई।

लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित: आधी रात को राज्यसभा से पास हुआ VB-G RAM G बिल, शीतकालीन सत्र समाप्त

नई दिल्ली: संसद में मनरेगा की जगह लाया गया VB जी राम जी बिल लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास हो गया है। उच्च सदन में देर रात तक चर्चा के बाद इसे मंजूरी दी गई। राज्यसभा में बिल को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद विपक्षी सांसद आधी रात को ही संसद परिसर में धरने पर बैठ गए। विपक्ष की मांग थी कि बिल को सिलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए, हालांकि सदन में विपक्ष की गैरमौजूदगी के बीच बिल ध्वनिमत से पास कर दिया गया। इससे पहले VB- जी राम जी बिल लोकसभा से पास हुआ था। ये भी मनरेगा की तरह रोजगार की गारंटी देता है। हालांकि नए बिल में कुछ बदलाव भी किए गए हैं।

संसद का शीतकालीन सत्र समाप्त

लोकसभा में भारी हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। विपक्षी सांसदों ने संसद में वीबी-जी राम जी 2025 बिल को लेकर जमकर बवाल काटा। इस बिल के खिलाफ विपक्षी सांसदों ने जमकर धरना प्रदर्शन भी किया। लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा की कार्यवाही भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। इसी तरह, संसद का शीतकालीन सत्र 2025 समाप्त हो चुका है।

ग्रामीण रोजगार मजबूत होगा: शिवराज सिंह

राज्यसभा में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह बिल गरीबों के कल्याण में अहम भूमिका निभाएगा और ग्रामीण रोजगार को मजबूत करेगा। उन्होंने कांग्रेस पर महात्मा गांधी के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। हालांकि विपक्षी सांसदों ने बहस के दौरान जमकर हंगामा किया। बिल के पास होने से पहले सांसद राज्यसभा से वॉकआउट कर गए, इससे पहले, लोकसभा में यह बिल 14 घंटे तक चली बहस के बाद ध्वनिमत से पास हुआ था। 

125 दिन की मजदूरी की गारंटी

सरकार के मुताबिक VB-G RAM G बिल में भी मनरेगा की तरह रोजगार गारंटी दी गई है। नए बिल में प्रावधान है कि हर ग्रामीण परिवार को 125 दिन की मजदूरी वाली नौकरी की गारंटी दी जाएगी। यह समय सीमा मनरेगा में 100 दिन थी। इसके अलावा मनरेगा में जहां ज्यादातर खर्च केंद्र सरकार उठाती थी। नई बिल में राज्यों को भी अपने हिस्से का योगदान देने की बात है।