Ratlam News: दूषित कुएं का पानी पीने से 100 से अधिक ग्रामीण बीमार, गांव में मेडिकल कैंप
रतलाम के पिपलौदा तहसील स्थित आजमपुर डोडिया गांव में दूषित कुएं का पानी पीने से 100 से अधिक ग्रामीण बीमार हो गए. स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कैंप लगाया, 20 से ज्यादा मरीजों को अस्पताल भेजा गया और प्रशासन ने सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था की.
Ratlam. जिले की पिपलौदा तहसील के ग्राम आजमपुर डोडिया में दूषित कुएं का पानी पीने से 100 से अधिक ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ गई. गांव में एक साथ पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायतें सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया. सूचना मिलते ही मेडिकल टीम गांव पहुंची और स्वास्थ्य शिविर लगाकर प्रभावित लोगों की जांच शुरू की.

जांच के दौरान गंभीर स्थिति वाले 20 से अधिक मरीजों को एम्बुलेंस की मदद से पिपलौदा सिविल अस्पताल भेजा गया. वहां सभी का उपचार किया गया और जरूरतमंद मरीजों को ग्लूकोज चढ़ाया गया. इलाज के बाद मरीजों की हालत में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

मीठे पानी के लिए एक ही कुएं पर निर्भर है पूरा गांव
ग्राम आजमपुर डोडिया, ग्राम पंचायत अयाना के अंतर्गत आता है, जहां करीब 650 लोग रहते हैं. ग्रामीणों के अनुसार गांव में पानी के अन्य स्रोत तो मौजूद हैं, लेकिन पीने योग्य मीठा पानी केवल एक पुराने कुएं से मिलता है. इसी कारण पूरा गांव उसी पर निर्भर है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इसी कुएं का पानी दूषित होने से बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए.

प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार पिंकी साठे प्रशासनिक दल के साथ गांव पहुंचीं. उन्होंने कुएं का निरीक्षण किया, ग्रामीणों से चर्चा कर स्थिति की जानकारी ली और तत्काल कुएं की सफाई कराने के निर्देश दिए. साथ ही लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए निजी टैंकरों से पानी पहुंचाने की व्यवस्था भी कराई गई.

वर्षों से नहीं निकली कुएं की गाद
पंचायत के अनुसार स्वास्थ्य विभाग समय समय पर कुएं में क्लोरीन और ब्लीचिंग पाउडर डालता रहा है. हालांकि कई वर्षों से कुएं की तलहटी में जमा गाद की पूरी सफाई नहीं हो सकी है. पंचायत का कहना है कि कई बार सफाई का प्रयास किया गया, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध किया.

ग्रामीणों का मानना है कि यदि कुएं को पूरी तरह खाली कर गाद निकाल दी गई तो बाद में आने वाला पानी आसपास के अन्य कुओं की तरह खारा हो सकता है. ऐसे में गांव के मीठे पानी का एकमात्र स्रोत भी खत्म होने का खतरा है.

स्वास्थ्य विभाग की लगातार निगरानी
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग गांव में लगातार निगरानी कर रहा है. प्रशासन ने लोगों से केवल उबला हुआ या सुरक्षित पानी पीने की अपील की है. साथ ही उल्टी, दस्त या पेट दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है. एहतियात के तौर पर संबंधित कुएं को फिलहाल सील कर दिया गया है और उसकी जल गुणवत्ता की जांच तथा नियमित सफाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

क्या बोले ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ पवन पाटीदार ने बताया कि प्रभावित ग्रामीणों का उपचार किया गया है और अधिकांश मरीजों की हालत सामान्य है. स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में लगातार निगरानी कर रही है ताकि किसी भी नई स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.
Anubhav Dubey 
