रीवा में ठेकेदार के घर ED की रेड, दस्तावेज खंगाले

रीवा में ठेकेदार के घर ED की रेड, दस्तावेज खंगाले परिजनों ने अधिकारियों से मांगा ID कार्ड बोले- बिना समन कैसे घुस आए

रीवा में ठेकेदार के घर ED की रेड, दस्तावेज खंगाले

रीवा: के वार्ड क्रमांक-5 स्थित पद्मधर कॉलोनी में 19 जून सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब ED की टीम ने लालता सदन पहुंचकर जांच कार्रवाई शुरू कर दी। ईडी की दबिश की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे। शहर में कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

कृष्णकांत और सौरभ सोहगौरा के घर पहुंची टीम

जानकारी के अनुसार ईडी की 4 से 5 सदस्यीय टीम सुबह पद्मधर कॉलोनी स्थित लालता सदन पहुंची। बताया जा रहा है कि टीम कृष्णकांत सोहगौरा और सौरभ सोहगौरा के निवास पर जांच कर रही है। अधिकारियों ने घर के भीतर प्रवेश कर दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण कागजातों की पड़ताल शुरू कर दी।

परिजनों ने मांगा अधिकारियों का आईडी कार्ड

कार्रवाई के दौरान घर के बाहर मौजूद परिजनों ने ईडी अधिकारियों से उनका पहचान पत्र दिखाने की मांग की। परिजनों का कहना था कि बिना समन के घर में प्रवेश कैसे किया गया। इस दौरान अधिकारियों और परिजनों के बीच बातचीत भी हुई। हालांकि जांच टीम ने अपनी कार्रवाई जारी रखी।

घर के अंदर दस्तावेजों की गहन जांच

सूत्रों के अनुसार ईडी की टीम घर में मौजूद दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों द्वारा विभिन्न फाइलों और दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। जांच के दौरान घर के भीतर और बाहर गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। वहीं कार्रवाई की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ घर के बाहर जुटने लगी। पूरे क्षेत्र में दिनभर ईडी की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही।

चर्चित ठेकेदार बताए जाते हैं कृष्णकांत सोहगौरा

कृष्णकांत सोहगौरा रीवा के चर्चित ठेकेदारों में शामिल हैं। उन्हें भाजपा नेता प्रदीप सोहगौरा का भाई बताया जा रहा है। ईडी की दबिश की खबर सामने आते ही शहर में राजनीतिक और व्यावसायिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गईं।

कार्रवाई के कारणों पर सस्पेंस बरकरार

फिलहाल ईडी की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच किस मामले में की जा रही है और इसके पीछे क्या कारण हैं, इसे लेकर अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इसी वजह से लोग अलग-अलग कयास लगा रहे हैं।

जांच पूरी होने के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्रवाई किस मामले में की जा रही है और किन तथ्यों के आधार पर ईडी ने यह कदम उठाया है। समाचार लिखे जाने तक ईडी की टीम मौके पर मौजूद थी और जांच कार्रवाई जारी थी।