सागर जहरीली शराब कांड में 32+ मौतें: और बालाघाट में 30+ मासूम बच्चों की मौत पर AAP का हल्ला बोल
सागर जहरीली शराब कांड में 32+ मौतें और बालाघाट में 30+ मासूम बच्चों की मौत पर AAP का हल्ला बोल ये सरकार नहीं, हत्यारी व्यवस्था है
भोपाल: मध्य प्रदेश में दो दिल दहला देने वाली घटनाओं के खिलाफ भोपाल में आम आदमी पार्टी ने जोरदार धरना-प्रदर्शन और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। ज्योति सिनेमा के सामने पाटीदार स्टूडियो के पास आयोजित इस सभा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पीड़ित परिवार शामिल हुए।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी एवं दिल्ली सरकार के पूर्व कानून मंत्री जितेन्द्र सिंह तोमर उपस्थित रहे। सभा की शुरुआत सागर और बालाघाट में जान गंवाने वाले सभी मृतकों को 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि देने से हुई।
प्रदेश प्रभारी जितेन्द्र सिंह तोमर का भाजपा सरकार पर बड़ा हमला
मैं आज बहुत भारी मन से आपके बीच खड़ा हूँ। ये आंकड़े नहीं हैं, ये लाशें हैं जो भाजपा सरकार की नाकामी की गवाही दे रही हैं। सागर में सरकार 28 मौतें बता रही है, लेकिन हमारे कार्यकर्ताओं ने हर गाँव जाकर पता लगाया है, मरने वालों का आंकड़ा 32 से ज्यादा हो चुका है और कई लोग अभी भी अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
ये कोई हादसा नहीं है, ये सीधी-सीधी प्रशासनिक हत्या है। बिना आबकारी विभाग, पुलिस और स्थानीय नेताओं के संरक्षण के एक गली में भी अवैध शराब नहीं बिक सकती। सागर में तो पूरा का पूरा जहरीली शराब का कारखाना चल रहा था। इसमें बड़ा सिंडिकेट शामिल है और इसके तार सीधे भोपाल तक जुड़े हैं। सरकार गरीबों को मारकर शराब माफियाओं की जेब भर रही है।
बालाघाट जहाँ 30 से अधिक मासूम बच्चों ने सिर्फ इसलिए दम तोड़ दिया क्योंकि अस्पताल में डॉक्टर नहीं थे, दवा नहीं थी, ऑक्सीजन नहीं थी और ICU बेड नहीं था। मुख्यमंत्री कहते हैं मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था अमेरिका से भी बेहतर है। तो क्या अमेरिका में 30 बच्चे यूं तड़प-तड़प कर मरते हैं? ये सरकार जनता विरोधी ही नहीं, जन-हत्यारी सरकार बन चुकी है।
एक सरकार जो अपने लोगों को जहरीली शराब से नहीं बचा सकती, अपने मासूम बच्चों को अस्पताल में बेड नहीं दे सकती, उसे सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। ये डबल इंजन की सरकार नहीं, ये डबल हत्या करने वाली सरकार है।
सरकार की 5 बड़ी नाकामियां
- आबकारी नीति पूरी तरह से माफियाओं के हवाले।
- स्वास्थ्य बजट में भारी कटौती, ग्रामीण अस्पताल खंडहर।
- दोनों मामलों में लीपापोती और आंकड़े छुपाने का खेल।
- आज तक किसी बड़े अधिकारी या मंत्री पर कोई कार्रवाई नहीं।
- पीड़ित परिवारों को धमकाया जा रहा है, मुआवजे का कोई अता-पता नहीं।
आम आदमी पार्टी की 5 प्रमुख मांगें
- सागर जहरीली शराब कांड और बालाघाट बच्चों की मौत की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में CBI से कराई जाए।
- प्रदेश के आबकारी मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल बर्खास्त कर उन पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज हो।
- सागर और बालाघाट के मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
- प्रदेश भर में अवैध शराब के अड्डों पर तत्काल बुलडोजर कार्रवाई हो और सभी जिला अस्पतालों में ICU व डॉक्टरों की कमी को 15 दिन में पूरा किया जाए।
- घायलों का इलाज सरकार अपने खर्च पर करे और सभी गैस राहत अस्पतालों सहित सरकारी अस्पतालों का ऑडिट कराया जाए।
आम आदमी पार्टी इस लड़ाई की यह लड़ाई यहीं नहीं रुकेगी। अगर 7 दिन में न्याय नहीं मिला तो पूरे प्रदेश में जेल भरो आंदोलन किया जाएगा।

