शिक्षा विभाग के मेंटेनेंस घोटाले में ठेकेदार गिरफ्तार, रीवा प्रशासन पर उठा सवाल
सतना पुलिस ने करोड़ों के मेंटेनेंस घोटाले में ठेकेदार को 24 घंटे में गिरफ्तार किया, जबकि रीवा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपये के अनुरक्षण (मेंटेनेंस) घोटाले के मामले में बड़ा कदम उठाते हुए सतना पुलिस ने ठेकेदार सत्यव्रत तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे रीवा से पकड़ा और सतना ले गई। खास बात ये है कि सतना पुलिस ने एक दिन पहले ही इस मामले में FIR दर्ज की थी और 24 घंटे के अंदर गिरफ्तारी कर ली।
वहीं दूसरी ओर रीवा जिले में इसी घोटाले को लेकर प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं। करोड़ों रुपये के घोटाले के बावजूद अभी तक न तो कोई एफआईआर दर्ज हुई है और न ही किसी अधिकारी पर कार्रवाई हुई है।
आरोप है कि रीवा में इस घोटाले को अंजाम देने में ठेकेदार के साथ-साथ DEO रामराज मिश्रा, ADPC नवीन श्रीवास्तव, ACP सुधाकर तिवारी की भी अहम भूमिका रही। इसके अलावा लेखा अधिकारी पुष्पा पुशाम और कोषालय अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। सभी पर मिलकर करोड़ों रुपये की बंदरबांट करने का आरोप है।
बताया जा रहा है कि यह घोटाला पहले 28 लाख रुपये से शुरू हुआ था। शुरुआत में छह स्कूलों के भुगतान का मामला सामने आया, लेकिन जांच बढ़ने पर यह ग्यारह स्कूलों और रमसा हॉस्टल के भुगतान तक पहुंच गया और राशि करोड़ों रुपये में बदल गई।
अब सवाल यह उठ रहा है कि डिप्टी CM के गृह जिले रीवा में प्रशासन कब जागेगा और कब सभी आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज होगी।
जहां सतना में भुगतान से पहले ही ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया गया, वहीं रीवा में करोड़ों के भुगतान के बाद भी प्रशासन की कुंभकर्णी नींद अब तक नहीं टूटी है।
Saba Rasool 
