जनसुनवाई में खुली हकीकत: छलका फरियादियों का दर्द 

रीवा में मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई का लम्बा सिलसिला चला. सुनवाई में कई अधिकारीयों ने शामिल हो कर फरियादियों की समस्याएं सुनी वहीं कई फरियादी भी जनसुनवाई में अपनी अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे और अधिकारीयों को अपनी समस्याएं सुनाई

जनसुनवाई में खुली हकीकत: छलका फरियादियों का दर्द 
पब्लिक वाणी

रीवा में मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई का लम्बा सिलसिला चला. इस दौरान कई फरियादी जनसुनवाई में पहुंचे और सभी ने अपनी-अपनी समास्याएं सुनाई. मौके पर मौजूद अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याएं सुनी और निराकरण का आश्वासन दिया... 

प्रधानमंत्री आवास के लिए भटक रही महिलाएं 

जनसुनवाई में ग्राम पंचायत बिहरिया तहसील हुजूर की कुछ महिलाएं शामिल हुईं, जिन्होंने प्रधानमंत्री आवास न मिलने  की शिकायत लेकर अधियकारियों के सामने अपनी फरियाद रखी. महिलाओ का कहना है की उनके पास न तो शौचालय है और न तो पक्के मकान इसी के चलते महिलाएं लगभग 8 सालों से पात्र होने बावजूद प्रधानमंत्री आवास के लिए कई दफ्तरों के चक्कर काट रहीं हैं. पर अब तब उनका नाम सूची में नहीं जोड़ा गया.

इसी को लेकर महिलाओं ने कई अधिकारीयों से शिकायत भी की. पर अब तक अधिकारियों हो जाएगा काम का आश्वासन ही मिला.  महिलाओं ने बताया की उन्होंने कई बार जनसुनवाई में भी आवेदन दिया इसके बावजूद भी अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई.  

रीवा में बीमा घोटाला: ग्रामीणों से धोखाधड़ी 

जनसुनवाई के दौरान रीवा के पड़री गांव जो सिरमौर तहसील के अंतर्गत आता है. यहा से एक बीमा घोटाले का मामला सामने आया है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि महेन्द्र प्रसाद बरेठा, प्रदीप नारायण तिवारी और ओमप्रकाश तिवारी ने उनसे धोखाधड़ी की है.

आरोपियों ने ग्रामीणों से रुपये लेकर भारती जीवन बीमा निगम की पॉलिसी देने की बात कही थी, लेकिन उनके साथ धोखाधड़ी की गई. आरोप है कि आरोपियों ने उनसे रुपये लेकर इंडस वियर इंडस्ट्रीज लिमिटेड कंपनी दिल्ली के नाम पर लाखो रूपए ऐंठे, लेकिन जब पैसे वापस करने की बात आई तो टालमाटोल कर रहे हैं.

भू माफिया की दबंगई 

जनसुनवाई में ही रीवा जिले के सिलपरा गांव का एक भूमि विवाद का मामला सामने आया है. वृजेन्द्र कुमार द्विवेदी नामक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि आलोक सिंह नामक दबंग ने उनकी जमीन पर बने पिलर बाउंड्री को जेसीबी मशीन से तोड़ दिया. पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. फरियादी ने अपनी शिकायत में बताया है कि उन्होंने 2016 में सिलपरा गांव में एक जमीन खरीदी थी। बाद में उन्होंने अपनी जमीन की सीमा पर पिलर बाउंड्री का निर्माण कराया था.

आरोप है कि आलोक सिंह ने अपनी जमीन का सीमांकन नहीं कराया और वृजेन्द्र कुमार की जमीन पर बने पिलर बाउंड्री को तोड़ दिया। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि आलोक सिंह ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है. पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. उनका कहना है हर जगह से बस झूठा आश्वासन ही दिया जाता है. पीड़ित ने कलेक्टर कार्यालय में भी कई बार शिकायत दर्ज कराई है इसके बाद भी आज तक कोई करवाई नहीं हुई.