जॉइंट डायरेक्टर के पास आलीशान जिम सुपर मार्केट महिला बाल विकास अधिकारी की 30 साल में इनकम 2.5 करोड़, संपत्ति मिली 9.5 करोड़
महिला एवं बाल विकास विभाग के जाइंट डायरेक्टर लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर छापा। जॉइंट डायरेक्टर के पास दो मंजिला आलीशान जिम, सुपर मार्केट अफसर के पास आय से 241% ज्यादा संपत्ति
इंदौर: लोकायुक्त पुलिस ने 10 जून सुबह महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। शुरुआती जांच में अधिकारी की वैध आय की तुलना में 241 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने के प्रमाण सामने आए हैं। लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय को कंडवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत मिली थी। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। स्पेशल कोर्ट से तलाशी वारंट लेकर लोकायुक्त की अलग-अलग टीमों ने सुबह 6 बजे से एक साथ तीन ठिकानों पर धावा बोल दिया। कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई थी कि संयुक्त संचालक कंडवाल और उनके परिवार को इसकी भनक तक नहीं लगी। सुबह-सुबह बड़ी संख्या में अधिकारियों को देखकर इलाके में हड़कंप मच गया।
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भव्यता देख लोकायुक्त टीम भी दंग रह गई
लोकायुक्त टीम जब कंडवाल से जुड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर जांच करने पहुंची तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
लोकायुक्त की टीम ने कंडवाल के जिम पर भी छापा मारा।
2 मंजिला आलीशान जिम कंडवाल से जुड़े एमएस जिम सेंटर का संचालन दो मंजिला भव्य इमारत में हो रहा है। इस जिम में विदेश जैसी आधुनिक फिटनेस मशीनें, महंगे उपकरण और अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। यह शहर के सबसे बड़े और प्रीमियम निजी जिमों में गिना जाता है।
लोकायुक्त की दूसरी टीम डिपार्टमेंटल स्टोर पहुंचीं।
बड़ा डिपार्टमेंटल स्टोर: टीम ने जिस डिपार्टमेंटल स्टोर पर छापा मारा, वह भी किसी बड़े मॉल की तरह चल रहा था, जहां रोजमर्रा की चीजों का बड़े पैमाने पर कारोबार होता है।

दस्तावेजों की स्क्रूटनी जारी, बड़े खुलासे की उम्मीद
लोकायुक्त के वित्तीय विशेषज्ञ और अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। टीम प्रतिष्ठानों से जुड़े वित्तीय ट्रांजैक्शन और बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही है। जानकारी के मुताबिक, बेनामी संपत्ति, जमीनों के कागजात और सोने-चांदी के आभूषणों का मूल्यांकन किया जा रहा है। जिम और डिपार्टमेंटल स्टोर में लगाए गए करोड़ों रुपयों के निवेश का असली स्रोत पता लगाया जा रहा है। लोकायुक्त अधिकारियों का मानना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों की पूरी पड़ताल के बाद संपत्ति का यह आंकड़ा अभी और कई गुना बढ़ सकता है। फिलहाल कार्रवाई जारी है।

