मऊगंज में 600 मीटर सड़क की मांग, आदिवासी बस्ती के ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार

मऊगंज जिले के जोधपुर 02 ग्राम पंचायत के सरपंच सहित आदिवासी बस्ती के दो दर्जन से अधिक ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को आवेदन देकर आदिवासी बस्ती तक मार्ग निर्माण कराए जाने की मांग की।

मऊगंज में 600 मीटर सड़क की मांग, आदिवासी बस्ती के ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार
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राजेंद्र पयासी, मऊगंज

आजाद भारत में विकास के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। मऊगंज जिले की नईगढ़ी जनपद में एक पूरी आदिवासी बस्ती 600 मीटर की सड़क न होने से नरक झेल रही है। ग्राम पंचायत जोधपुर नं. 2 के सुअरहा गांव में शासन ने 700 आदिवासियों को तो बसा दिया, पर उन तक पहुंचने का रास्ता देना भूल गया, जिससे आदिवासी बस्ती के लोगों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कठिनाइयों भरा 600 मीटर का सफर

राधुनाथगंज-लेणुआ मुख्य मार्ग से सिर्फ 600 मीटर दूर बसी यह बस्ती पूरी तरह कट चुकी है। आलम यह है कि बीमार बच्चे और बुजुर्ग एंबुलेंस का मुंह नहीं देख पाते। ग्रामीण उन्हें खाट पर लादकर कीचड़-पानी से जूझते हुए मुख्य सड़क तक लाते हैं। तब तक कई सांसें दम तोड़ चुकी होती हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ता न होने से कई असमय मौतें हो चुकी हैं।

हैरानी की बात है कि शासकीय नहर तो बस्ती तक पहुंच गई, पर इंसानों के लिए रास्ता नहीं बना। ग्रामीणों ने कलेक्टर मऊगंज को दिए गए आवेदन के माध्यम से मांग की है कि नहर के पश्चिम किनारे की एक पट्टी का समतलीकरण कर दिया जाए। 600 मीटर का यह टुकड़ा 700 जिंदगियों को मुख्यधारा से जोड़ देगा।

आदिवासियों ने कहा कि यदि रास्ता नहीं निर्मित कराया गया तो अब आंदोलन का रुख अपनाया जाएगा। बसाहट तक मार्ग निर्माण कार्य कराए जाने को लेकर ग्राम पंचायत के सरपंच सहित संतोष कोल, भैयालाल कोल, जयलाल कोल, करण कोल, केसरी कोल, महेश कोल, औसेरी कोल के साथ दो दर्जन से अधिक महिला-पुरुष कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को आवेदन देकर आदिवासी बस्ती तक मार्ग निर्माण कराए जाने की गुहार लगाई। इस दौरान कलेक्टर संजय कुमार जैन ने ग्राम पंचायत जोधपुर क्रमांक 2 क्षेत्र के सुअरहा आदिवासी बस्ती में रास्ता निर्माण के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत नईगढ़ी को निर्देश दिए।