पुणे केतन अग्रवाल मर्डर केस: रेस्क्यू टीम के खुलासे, परिवार के दावे और पुलिस जांच में सामने आए नए पहलू

पुणे केतन अग्रवाल मर्डर केस में रेस्क्यू टीम, परिवार और पुलिस जांच से जुड़े नए दावे सामने आए हैं। जानिए अब तक की पूरी अपडेट।

पुणे केतन अग्रवाल मर्डर केस: रेस्क्यू टीम के खुलासे, परिवार के दावे और पुलिस जांच में सामने आए नए पहलू

Pune Ketan Agrawal Murder Case: पुणे के युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत से जुड़े चर्चित मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई नए दावे सामने आए हैं। इस केस में जहां पुलिस लगातार डिजिटल साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जांच कर रही है, वहीं पीड़ित परिवार और रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल लोगों के बयानों ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

रेस्क्यू टीम के सदस्य ने दावा किया कि खाई से निकाले गए केतन के शव पर कई गंभीर चोटों के निशान थे।  उनके अनुसार सिर पर गहरी चोट थी, खोपड़ी क्षतिग्रस्त नजर आ रही थी और हाथ-पैरों पर भी चोट के निशान दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद कई लोग काफी घबराए हुए थे और मदद के लिए आवाज लगा रहे थे, लेकिन आरोपी सिया गोयल शांत दिखाई दे रही थी।

केतन के पिता विशाल अग्रवाल का कहना है कि घटना वाले दिन ही उन्हें सिया गोयल के व्यवहार पर संदेह हुआ था। उनके अनुसार जब पुलिसकर्मियों ने बताया कि केतन जिंदा हो सकता है और उसे जल्द अस्पताल ले जाना चाहिए, तब सिया के हावभाव अचानक बदल गए। परिवार का दावा है कि इसके बाद उसने उनके कई सवालों का जवाब नहीं दिया।

पुलिस जांच में सामने आए कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों से पूछताछ जारी है। अधिकारियों का दावा है कि दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर मोबाइल चैट डिलीट कर दी थी, जिन्हें फोरेंसिक जांच के जरिए रिकवर करने की कोशिश की जा रही है।

उधर, सिया गोयल के माता-पिता ने कहा है कि अगर उनकी बेटी दोषी साबित होती है तो उसे कानून के मुताबिक कड़ी सजा मिलनी चाहिए। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और मामले की सच्चाई अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों के बाद ही स्पष्ट होगी।