महाकाल मंदिर में परंपरागत होली उत्सव, सबसे पहले हुआ होलिका दहन
उज्जैन के महाकाल मंदिर में होली उत्सव की शुरुआत होलिका दहन और संध्या आरती के साथ की गई, जहां भगवान महाकाल को हर्बल गुलाल अर्पित किया गया।
उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में सबसे पहले होली मनाई गई। 2 मार्च की शाम संध्या आरती के समय महाकाल को गुलाल से रंगा गया। सबसे पहले उन्हें माला पहनाई गई, फिर हर्बल गुलाल लगाया गया, जिसके बाद संध्या आरती हुई।
2 मार्च की शाम को ही आरती के बाद होलिका दहन किया गया। पुजारियों ने परिसर के अंदर ही पहले वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होलिका पूजन किया, फिर होलिका दहन किया, जिसमें कई श्रद्धालु शामिल होने पहुंचे।

हर रोज की तरह आज सुबह भी मंदिर में महाकाल की भस्म आरती हुई। आज पुजारी महाकाल के साथ गुलाल से होली खेलेंगे। होली के दिन यानी महाकाल मंदिर में पांच आरतियां होंगी, जिनमें पांच बार गुलाल अर्पित किया जाएगा। मंदिर परिसर में हर बार की तरह इस बार भी होली उत्सव मनाया जाएगा।
मंदिर प्रशासन ने होली उत्सव पारंपरिक हर्षोल्लास से मनाने की अपील की है। परिसर में हुड़दंग न हो, इसके लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। साथ ही श्रद्धालुओं को मंदिर में रंग, गुलाल और प्रेशर गन लाने की अनुमति नहीं है।


