इंदौर में सीवर टैंक हादसा: जहरीली गैस से दम घुटने पर दो नगर निगम कर्मचारियों की मौत

इंदौर में 2 कर्मचारियों की सीवर टैंक में मौत। जहरीली गैस से दम घुटा। नगर निगम करा रहा था सफाई। एक कर्मचारी जिंदा बचा।

इंदौर में सीवर टैंक हादसा: जहरीली गैस से दम घुटने पर दो नगर निगम कर्मचारियों की मौत

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें नगर निगम के दो सफाई कर्मचारियों की सीवर टैंक में दम घुटने से मौत हो गई। यह घटना चोइथराम मंडी गेट क्षेत्र में करीब शाम 6:30 बजे की बताई जा रही है। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।

जानकारी के अनुसार, नगर निगम की टीम जोन-13 क्षेत्र में सीवर लाइन की सफाई के लिए सक्शन टैंकर लेकर पहुंची थी। नियमित सफाई कार्य के दौरान जब टैंकर का पाइप बाहर निकाला जा रहा था, तभी उसका एक हिस्सा सीवर टैंक के अंदर गिर गया। गिरे हुए पाइप के टुकड़े को निकालने के लिए दो कर्मचारी, अजय और करण, टैंक के अंदर उतर गए।

बताया जा रहा है कि सीवर टैंक में पहले से जहरीली गैस जमा थी। टैंक में उतरते ही दोनों कर्मचारियों का दम घुटने लगा और वे बेहोश हो गए। बाहर मौजूद साथियों को जब स्थिति का अंदेशा हुआ तो उन्होंने तुरंत उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया। इस दौरान एक अन्य सफाई कर्मचारी अकबर और एक स्थानीय नागरिक भी उन्हें बचाने के लिए टैंक में उतरे, जिन्हें समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

अजय और करण को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक आशंका है कि जहरीली गैस के कारण दम घुटने से उनकी मौत हुई है। हालांकि, मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी। क्षेत्र के डीसीपी कृष्ण लाल चंदानी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, इस बिंदु पर भी जांच की जाएगी।

इस हादसे ने एक बार फिर सीवर सफाई के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर ऐसे कार्यों में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और गैस जांच की व्यवस्था नहीं होने के कारण जानलेवा स्थितियां बन जाती हैं। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के परिजनों ने मामले में जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। नगर निगम की ओर से भी घटना को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच की बात कही गई है।