इंदौर में भाई ही निकला कातिल! पत्नी को फंसाने की रची साजिश, 4 आरोपी गिरफ्तार

इंदौर के द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में युवक हरीश सितोलिया की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि पारिवारिक विवाद के दौरान मृतक के भाई ने ही चाकू से हमला किया था, जिससे उसकी मौत हो गई।

इंदौर में भाई ही निकला कातिल! पत्नी को फंसाने की रची साजिश, 4 आरोपी गिरफ्तार

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में हुए एक पारिवारिक विवाद ने खूनी रूप ले लिया। पुलिस ने इस अंधी हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए मृतक के सगे भाई समेत परिवार के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या के बाद पूरे परिवार ने मिलकर सबूत मिटाने और मृतक की पत्नी को ही इस मामले में फंसाने की साजिश रची थी।

चरित्र शंका को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस जांच के अनुसार, घटना 4 जून की है। सूर्यदेव नगर में रहने वाले इस परिवार में काफी समय से चरित्र संबंधी आरोपों को लेकर घरेलू विवाद चल रहा था। घटना वाले दिन भी इसी बात को लेकर मृतक की पत्नी के साथ परिवार के अन्य सदस्यों का विवाद हुआ था।

जब इसकी जानकारी हरीश सितोलिया को मिली, तो वह तुरंत घर पहुंचा। वहां उसका अपने पिता और भाई प्रद्युम्न के साथ तीखा विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि भाई प्रद्युम्न ने तैश में आकर हरीश की जांघ पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। चाकू लगने से अत्यधिक खून बह जाने के कारण इलाज के दौरान हरीश की मौत हो गई।

सबूत मिटाने और बहू को फंसाने की थी साजिश
हरीश की मौत के बाद परिवार ने कानून से बचने के लिए एक खौफनाक साजिश रची। आरोपियों ने सबसे पहले घर में फैला खून साफ किया और वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू को छिपा दिया। इतना ही नहीं, पुलिस को गुमराह करने के लिए पूरे परिवार ने मिलकर मृतक हरीश की पत्नी पर ही हत्या का आरोप लगाने और उसे फंसाने का ताना-बाना बुन डाला।

पुलिस जांच में खुला राज
जब पुलिस ने मामले की बारीकी से तफ्तीश की, तो परिवार की कहानी झूठी साबित हुई। कड़ाई से पूछताछ और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पाया कि हत्या किसी बाहरी व्यक्ति या पत्नी ने नहीं, बल्कि खुद सगे भाई ने की थी और बाकी परिवार इसमें मददगार था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या, साक्ष्य नष्ट करने (सबूत मिटाने) और आपराधिक षड्यंत्र रचने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर चार आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

डीसीपी सुनील मेहता के मुताबिक- "पारिवारिक विवाद के दौरान भाई ने ही भाई पर चाकू से हमला किया था, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद साक्ष्य छुपाने और मृतक की पत्नी को झूठा फंसाने की साजिश रचने के आरोप में मृतक के भाई समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।"