BJP के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर हेमंत खंडेलवाल का 1 साल पूरा, सत्ता-संगठन में बेहतर तालमेल और कार्यकर्ताओं का विश्वास सबसे बड़ी उपलब्धि

दावा किया कि नगरीय निकाय चुनावों में मिलेगा ऐतिहासिक बहुमत, कार्यकर्ताओं की समस्याओं के लिए मंत्रियों का प्रदेश कार्यालय में बैठना सुनिश्चित किया

BJP के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर हेमंत खंडेलवाल का 1 साल पूरा, सत्ता-संगठन में बेहतर तालमेल और कार्यकर्ताओं का विश्वास सबसे बड़ी उपलब्धि

मृगेंद्र सिंह, भोपाल।

मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर हेमंत खंडेलवाल आज एक साल का कार्यकाल पूरा हो गया है। कार्यकाल पूरा होने की पूर्व संध्या पर उन्होंने पब्लिक वाणी से खास बातचीत की। इन एक साल के दौरान संगठन और सत्ता के बीच बेहतर समन्वय बनाने के साथ ही कार्यकर्ताओं का विश्वास अर्जित करने को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं। उन्होंने सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंशः

1- सवालः आपका एक साल का कार्यकाल कैसा रहा।

जवाबः कार्यकर्ताओं का विश्वास अर्जित करने का कार्य किया और उन्हें यह भरोसा दिलाया कि पार्टी हमेशा उनके साथ है। सुख-दुख में सब एकसाथ खड़े दिखे। यही बड़ी उपलब्धि है।

2- सवालः संगठन में कौन सा ऐसा बदलाव किया जिससे कि पिछले एक साल में पार्टी अधिक मजबूत हुई।

जवाबः पूर्ववर्ती सभी अध्यक्षों ने पार्टी को मजबूत करने के लिए जी-तोड़ मेहनत की है। मैंने अपने भी तरफ से पूरा प्रयास किया कि पार्टी को और मजबूत बनाया जाए और हमारा कार्यकर्ता एक-एक व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए संगठन और सरकार के जो पद हैं, उनमें नियुक्तियां की गई और संगठन की सभी बैठकें नियमित तौर से होने लगी। मुख्यमंत्री और प्रदेश प्रभारी के साथ भी हमेशा हर मुद्दों पर नियमित चचर्चा होती है जिससे कहीं भी कोई विवाद की स्थिति नहीं है। छिटपुट कहीं विवाद थे, उनको आपस में बैठ कर सुलझा लिया है।

3- सवालः पार्टी को आपने किस तरह से मजबूती दी है।

जवाबः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन पार्टी को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। पार्टी हाईकमान द्वारा दिए जाने वाले निर्देशों का प्रदेश में 100 फीसदी क्रियान्वयन किया जा रहा है। कैलेंडर बना कर काम कर रहे हैं। हर बूथ तक पार्टी के नेता पहुंच रहे हैं। हर दो महीने में समन्वय समिति की बैठक हो रही है, जिसमें हर मुद्दे पर चर्चा होती है। साथ ही पार्टी को और मजबूत कैसे किया जाए, इस पर लोगों की राय ली जाती है। जहां सुधार की आवश्यकता होती है, वहां सुधार भी किया जा रहा है।

4- सवालः आम कार्यकर्ताओं की शिकायत रहती है कि उनकी बात नहीं सुनी जाती।

जवाब: ऐसा नहीं है। हमारा कार्यकर्ता हमारे लिए सब कुछ है। कार्यकर्ताओं की समस्याओं के निराकरण के लिए ही हर मंत्री का प्रदेश कार्यालय में बैठना सुनिश्चित किया गया है। इसका प्रचार-प्रसार भी किया जाता है ताकि उन्हें पता लग सके कि कौन सा मंत्री किस दिन उपलब्ध रहेगा। इस हिसाब से कार्यकर्ता प्रदेश कार्यालय आने का अपना कार्यक्रम तय कर सकें। इसके अलावा भी कार्यकर्ता अपनी समस्याओं के लिए मुझसे या पार्टी के अन्य नेताओं से दफ्तर में आकर मिलते हैं।

5- सवालः आगले साल होने वाले नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव आपके लिए सबसे बड़ी चुनौती हैं।

जवाबः निश्चित तौर से नगरीय निकाय चुनाव हों, पंचायत चुनाव हों या विधानसभा चुनाव हों, वह चुनौती ही रहते हैं, लेकिन हम हमेशा चुनाव और चुनौती के लिए तैयार रहते हैं। पार्टी का कार्यकर्ता हमेशा चुनाव मोड में रहता है। हम इसी कारण दावे के साथ कह सकते हैं कि आगामी नगरीय निकाय चुनाव में पार्टी को ऐतिहासिक बहुमत मिलेगा।

6- सवालः विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्या को बड़ा मुद्दा बना रहा है।

जवाबः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव देश व प्रदेश के विकास के लिए पूरी मेहनत और ईमानदारी से काम कर रहे हैं। हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। कांग्रेस को राज्य सरकार द्वारा जनहित में किए जा रहे कार्य अच्छे नहीं लग रहे हैं। इसी कारण सब जगह भ्रम फैला रहे हैं। विपक्ष के पास इसके अलावा कुछ बचा ही नहीं है क्योंकि हर मोर्चे पर असफल हो चुके हैं।

7- सवालः एक साल में कौन सा ऐसा कार्य किया जिससे आपको सबसे ज्यादा संतोष हुआ।

जवाबः कोई एक कार्य नहीं है जिसको बताया जा सके। इसकी लंबी फेहरिस्त है। इतना दावे के साथ जरूर कह सकता हूं कि कार्यकर्ताओं के विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास किया है।

8- सवालः नेता बहुत तामझाम से बच्चों की शादी करते हैं, लेकिन आप बेटे की शादी क्यों इतनी सादगी से कर रहे हैं।

जवाबः शादी समारोह नितांत पारिवारिक कार्यक्रम होता है। इसमें ज्यादा दिखावा नहीं करना चाहिए। परिवार के लोगों के लिए ही शादी कार्यक्रम होते हैं। तीन साल पहले भी मैंने भतीजे की शादी थी। उसमें भी परिवार के लोग और रिश्तेदार शामिल हुए थे। उसी परंपरा का पालन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी बेटे का विवाह सामूहिक विवाह सम्मेलन में कर सादगी का परिचय दिया है।